लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल)। राजपूत समाज में शिक्षा और दहेज-टीका जैसी कुप्रथाओं को खत्म करने का प्रेरक उदाहरण पेश करते हुए, आरसीएम ग्रुप के जीएम कुंवर राजेंद्र सिंह भाटी के बेटे राघवेंद्र सिंह ने अपने विवाह में टीके में मिले 11 लाख 51 हजार रुपये वापस लौटा दिए, सिर्फ एक रुपया और श्रीफल स्वीकार किया।
राघवेंद्र सिंह का विवाह श्रीमाधोपुर के नाथूसर निवासी पूनम कंवर के साथ हुआ। दूल्हे ने समाज में व्याप्त दहेज प्रथा को चुनौती देते हुए कहा कि “टीके में मिली राशि से जिंदगी नहीं निकल सकती, इसे स्वीकार करना अनुचित है।”
दूल्हे के पिता कुंवर राजेंद्र सिंह भाटी ने भी इसे पूरी तरह समर्थन देते हुए कहा, “हमारे लिए हमारी बहू ही सबसे बड़ा धन है।”
यह पहल समाज में दहेज विरोधी संदेश फैलाने और सामाजिक कुप्रथाओं को समाप्त करने की दिशा में एक प्रेरणास्रोत बन गई। समारोह में उपस्थित सभी नागरिकों और क्षत्रिय समाज के लोगों ने इस अनुकरणीय कदम की सराहना की।


















































