लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
राजस्थान के मेवाड़-वागड़ अंचल में रक्षा सूत्र कार्यक्रम में डॉ. सतीश पूनियां के हजारों आदिवासी बहन-बेटियों ने बांधी राखी
बहन जब भाई की कलाई पर राखी बांधती है तो दुनिया के बड़े-बड़े आशीर्वाद फीके पड़ जाते हैं,
मेरी 95 वर्षीय मां जब मेरे सिर पर हाथ फेरती है तो लगता है दुनिया की सल्तनत मुझे मिल गई; डॉ. पूनियां
पूनियां को बांधी राखी, अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और उन्नति का दिया आशीर्वाद
जयपुर, डूंगरपुर । राजस्थान के मेवाड़-वागड़ क्षेत्र के आदिवासी अंचल के डूंगरपुर जिले में रक्षाबंधन पर्व के उपलक्ष्य में रक्षा सूत्र कार्यक्रम पूरे राजस्थान में सकारात्मक तौर पर भाजपा की वागड़ क्षेत्र में मजबूती के तौर पर चर्चाओं में है।
इस ऐतिहासिक रक्षा सूत्र कार्यक्रम
में शामिल होने भाजपा हरियाणा संगठन प्रभारी, भाजपा राजस्थान पूर्व प्रदेशाध्यक्ष डॉ. सतीश पूनियां गुजरात बॉर्डर पर प्रदेश के वागड़ क्षेत्र के डूंगरपुर पहुंचे, जहां काफी संख्या में जनजाति माता-बहनों ने उन्हें राखी बांधकर उनके अच्छे स्वास्थ्य, दीर्घायु और उन्नति का आशीर्वाद दिया।
डूंगरपुर जिला मुख्यालय पर भाजपा पूर्व प्रदेश महामंत्री, पूर्व राज्यमंत्री सुशील कटारा द्वारा रक्षाबंधन के उपलक्ष्य में आयोजित रक्षासूत्र कार्यक्रम आयोजित किया गया।
कार्यक्रम में एक हजार से अधिक बहनों ने सतीश पूनिया एवं सुशील कटारा को राखी बांधी। कार्यक्रम में सागवाडा विधायक शंकरलाल डेचा, जिलाध्यक्ष अशोल पटेल, पूर्व भाजपा महिला मोर्चा प्रदेशाध्यक्ष अल्का मूंदड़ा,सभापति अमृत कलासुआ इत्यादि नेता व कार्यकर्ता कार्यक्रम में मौजूद रहे।
पूनियां ने रक्षासूत्र कार्यक्रम को संबोधित करते हुये कहा कि, पहले बेटियों को अभिशाप की तरह मानते थे, किसी जमाने में बेटियों को गर्भ में मार दिया जाता था, लेकिन मैं यह मानता हूं जिसने पिछले जन्म में अच्छे पुण्य कर्म किए होंगे, उनको बेटी नसीब होती है। मैं खुशनसीब हूं क्योंकि बेटी एक पिता का सबसे बड़ा संबल होती है।
उन्होंने कहा कि, एक बहन जब भाई की कलाई पर राखी बांधती है तो दुनिया के बड़े-बड़े आशीर्वाद फीके पड़ जाते हैं, एक मां भले ही उम्रदराज होगी मैं भी देखता हूं कि मेरी 95 वर्षीय मां जब मेरे सिर पर हाथ फेरती हैं तो मुझे लगता है कि दुनिया की सल्तनत मुझे मिल गई, मातृशक्ति किसी भी रूप में हो, जब मैं चुनौतियों से लड़ता था मेरे घर का चूल्हा जलाने का काम और विपरीत परिस्थितियों में मेरे पीछे डटकर खड़े होने वाली कोई थी वह मेरी धर्मपत्नी थी।
दुनिया में वह हमारा आदिवासी समाज है जो जल जंगल और जमीन की रक्षा करता है, दुनिया ने यह नारा बहुत देर से लगाया लेकिन हमारा आदिवासी समाज सदियों से प्रकृति और संस्कृति का संरक्षण करता आया है, राजस्थान और हिंदुस्तान का इतिहास है कि पेड़ों के रक्षा के लिए अमृता देवी शहीद हो गईं।
मुझे सुखद अनुभूति और बहुत खुशी हुई कि हमारे आदिवासी समाज की बहन बेटियां पढ़ लिखकर तरक्की के रास्ते पर आगे बढ़ रही हैं और इन्हीं आदिवासी माता बहनों का आज रक्षा सूत्र कार्यक्रम में राखी के रूप में मुझे जो आशीर्वाद मिला वह मुझे नई ऊर्जा और ताकत के साथ कार्य करने की शक्ति प्रदान करता है।
उन्होंने कहा कि भारत का लोकतंत्र दुनिया की सबसे बड़ी ताकत है, इसी लोकतांत्रिक व्यवस्था में बदलते युग की कहानी यह है इस आधुनिक आबादी की मान्यता भारत के लोकतंत्र में एक सामान्य आदिवासी परिवार की सामान्य महिला द्रौपदी मुर्मू जब देश की राष्ट्रपति बनती हैं तो महिलाओं की और हमारे आदिवासी समाज की वह ताकत बनकर खड़ी होती हैं, वह भारत के लोकतंत्र की मजबूती का अपने आपमें उदाहरण बनती हैं।
उल्लेखनीय है कि वर्ष 2019-2023 तक लगभग साढ़े तीन साल तक भाजपा राजस्थान अध्यक्ष की जिम्मेदारी संभालने के दौरान सतीश पूनियां ने राजस्थान के सभी 200 विधानसभा क्षेत्रों में प्रत्येक विधानसभा क्षेत्र तक दर्जनों बार प्रवास किये थे, जिसमें सबसे अधिक प्रवास सतीश पूनिया ने मेवाड़ वागड़ अंचल में किए थे, जहां संगठन की मजबूती के लिए कार्यक्रम, कांग्रेस की जन विरोधी नीतियों के खिलाफ आंदोलन और पदयात्राओं से आदिवासियों को पार्टी से जोड़ने के लिए तमाम कार्यक्रम किये, इसको लेकर बांसवाड़ा त्रिपुरा सुंदरी माताजी मंदिर से लेकर डूंगरपुर बेणेश्वर धाम तक लगभग 45 किलोमीटर से अधिक की पदयात्रा करके सतीश पूनिया ने न केवल वहां आदिवासियों को पार्टी से जोड़ा, बल्कि आदिवासी लोगों के बीच सामूहिक जलपान से लेकर और सांस्कृतिक-धार्मिक कार्यक्रमों के जरिए भी पार्टी की विचारधारा को मजबूती से पहुंचाने का कार्य किया था।
भाजपा राजस्थान अध्यक्ष की बागडोर संभालने के दौरान सतीश पूनिया ने सबसे अधिक पूरे राजस्थान के प्रवास करने से लेकर धरने प्रदर्शन, आंदोलन इत्यादि के साथ-साथ पूरे राजस्थान को नापने के लिए सतीश पूनिया ने 5 लाख किलोमीटर से अधिक के प्रवास भी किये।
शेखावाटी के चूरू जिले के एक सामान्य किसान परिवार से आने वाले सतीश पूनिया की कार्यशैली संगठन को सर्वोपरि मानकर हमेशा सरोकारों की राजनीति करना है, छात्र राजनीति के दिनों में “ओलंपिक्स” के कारण चर्चित हुए,वहीं युवा राजनीति में युवा मोर्चा राजस्थान के अध्यक्ष कार्यकाल में अजमेर से भरतपुर तक 551 किलोमीटर की पैदल “युवा जागरण” पदयात्रा से सुर्खियों में आए,अपने भाजपा राजस्थान अध्यक्षीय कालखंड में सदन और सड़क पर विपक्ष के धारदार प्रदर्शन से प्रदेश के कार्यकर्ताओं की विशाल फौज को लेकर आगे आए,वहीं राजनीतिक रूप से हरियाणा भाजपा प्रभारी के रूप में हरियाणा विजय में भी महत्वपूर्ण भूमिका रही, जो भाजपा केंद्रीय नेतृत्व की उम्मीदों पर खरे उतरे।
उल्लेखनीय है कि पूनियाँ ने अपने भाजपा प्रदेश अध्यक्ष कार्यकाल के दौरान राजस्थान के मारवाड़, मेवाड़ और जनजाति क्षेत्र के सर्वाधिक प्रवास किए थे।
केंद्र की मोदी सरकार की अभिनव योजना ‘सुकन्या समृद्वि योजना’ के खाता खुलवाने के अभियान का
संगठन स्तर पर शुभारंभ भी इसी वागड़ में बांसवाड़ा के त्रिपुरा सुंदरी माताजी मंदिर से सतीश पूनिया ने भाजपा प्रदेशाध्यक्ष रहने के दौरान किया था, जिसमें भाजपा कार्यकर्ताओं एवं जनप्रतिनिधियों ने पूरे राजस्थान में 50 हजार से अधिक सुकन्या समृद्धि योजना के खाते खुलवाए थे।










































