लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर । हरीशचन्द्र माथुर लोक प्रशासन संस्थान (ओटीएस) में आयोजित राज्य स्तरीय विशेष योग्यजन पुरस्कार समारोह में मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने अंतरराष्ट्रीय दिव्यांगजन दिवस पर उत्कृष्ट कार्य करने वाले दिव्यांगजनों व संस्थाओं को सम्मानित किया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि खेल, शिक्षा, कला, विज्ञान व तकनीक—हर क्षेत्र में दिव्यांगजनों ने अपनी प्रतिभा सिद्ध की है। समाज का दायित्व है कि उन्हें समान अवसर व सहयोग देकर मुख्यधारा से जोड़ें। उन्होंने कहा कि सरकार का संकल्प है कि राजस्थान दिव्यांगजनों के लिए देश का सबसे सुगम्य व संवेदनशील राज्य बने।
उन्होंने पीएम नरेंद्र मोदी द्वारा शुरू किए गए सुगम्य भारत अभियान और दिव्यांगजन अधिनियम में श्रेणियों को 7 से बढ़ाकर 21 करने के निर्णय को सशक्तिकरण की बड़ी पहल बताया।
मुख्यमंत्री ने बताया कि राज्य में
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मोटराइज्ड ट्राइसाइकिल, व्हीलचेयर, स्मार्टफोन

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पेंशन
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स्कूटी वितरण (पिछले वर्ष 2000, इस वर्ष 2500)

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विशेष क्लस्टर
जैसी कई योजनाएं संचालित हैं।
विशेष योग्यजन आवासीय संस्थानों का मैस भत्ता बढ़ाकर 3,250 रुपये कर दिया गया है। मस्क्यूलर डिस्ट्रॉफी से पीड़ितों को पहली बार इलेक्ट्रिक पावर्ड व्हीलचेयर दी जा रही है।
कार्यक्रम में सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत, संसदीय कार्य मंत्री जोगाराम पटेल, एसीएस अपर्णा अरोड़ा, निदेशक इकबाल खान सहित बड़ी संख्या में विशेष योग्यजन मौजूद रहे।
मुख्यमंत्री ने मंच पर स्मार्टफोन, श्रवण यंत्र, स्मार्ट केन, स्कूटी और अंग–उपकरण वितरित किए तथा दिव्यांगजन द्वारा बनाए गए उत्पादों की प्रदर्शनी का अवलोकन भी किया।



















































