लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अजमेर के बहुआयामी विकास का खाका तैयार
अजमेर | (नितिन मेहरा) राजस्थान विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी ने हाल ही में दिल्ली दौरे के दौरान अजमेर के समग्र विकास को लेकर केंद्र सरकार के समक्ष कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव रखे। इस दौरान उन्होंने केंद्रीय रेल व आईटी मंत्री अश्विनी वैष्णव और विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात कर जिले के भविष्य से जुड़े मुद्दों पर विस्तार से चर्चा की।
आईटी सेक्टर में नई संभावनाएं
देवनानी ने अजमेर में अत्याधुनिक आईटी पार्क स्थापित करने का प्रस्ताव रखते हुए कहा कि इससे शहर को डिजिटल पहचान मिलेगी और स्थानीय युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर सृजित होंगे। इस पर मंत्री वैष्णव ने सकारात्मक प्रतिक्रिया देते हुए भरोसा दिलाया कि बड़ी तकनीकी कंपनियों को अजमेर में निवेश के लिए प्रोत्साहित किया जाएगा।

रेलवे हब के रूप में अजमेर का पुनरुद्धार
अजमेर के गौरवशाली रेलवे इतिहास को रेखांकित करते हुए देवनानी ने यहां वंदे भारत ट्रेनों के कोच निर्माण कारखाने की स्थापना का सुझाव दिया। उन्होंने बताया कि अजमेर उत्तर-पश्चिम रेलवे का महत्वपूर्ण केंद्र रहा है और यहां मौजूद कैरिज व लोको वर्कशॉप पहले से ही मजबूत आधार प्रदान करते हैं।
प्रमुख रेलवे मांगें:
- उदयपुर–जयपुर वंदे भारत ट्रेन का अजमेर होकर पुनः संचालन
- अजमेर–मैसूर ट्रेन को साप्ताहिक से दैनिक करना
- अजमेर–जोधपुर के बीच सुबह इंटरसिटी सेवा शुरू करना
- अजमेर–चेन्नई के लिए नई साप्ताहिक ट्रेन
देवनानी ने यह भी बताया कि अजमेर स्टेशन से प्रतिदिन लगभग 50,000 यात्रियों की आवाजाही होती है, जिसे देखते हुए नई सेवाओं की आवश्यकता है।

पासपोर्ट सेवाओं का विस्तार और प्रवासियों की सुरक्षा
विदेश मंत्री एस. जयशंकर से मुलाकात में अजमेर के पोस्ट ऑफिस पासपोर्ट केंद्र को पूर्ण विकसित पासपोर्ट कार्यालय में अपग्रेड करने की मांग की गई।
इसके साथ ही खाड़ी देशों में कार्यरत अजमेर के प्रवासियों की सुरक्षा और कल्याण का मुद्दा भी उठाया गया। विदेश मंत्री ने आश्वासन दिया कि सरकार इस दिशा में पूरी गंभीरता से कार्य कर रही है।
विकास की ओर अग्रसर अजमेर
इन उच्चस्तरीय बैठकों से स्पष्ट है कि आने वाले समय में अजमेर न केवल पर्यटन और शिक्षा का केंद्र रहेगा, बल्कि आईटी और औद्योगिक हब के रूप में भी अपनी नई पहचान बनाएगा।
विधानसभा अध्यक्ष की इस पहल से शहर के बुनियादी ढांचे, रोजगार, पर्यटन और जनसुविधाओं में व्यापक सुधार की उम्मीद जताई जा रही है।





















































