Home latest डिजिटल मैपिंग से गांव और शहरों के विकास को मिलेगी नई दिशा:...

डिजिटल मैपिंग से गांव और शहरों के विकास को मिलेगी नई दिशा: मुख्यमंत्री

0

लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क

जयपुर | भजनलाल शर्मा ने कहा है कि बीआईएसएजी-एन के सहयोग से डिजिटल मैपिंग को बढ़ावा देकर प्रदेश में विकास परियोजनाओं की मॉनिटरिंग को और अधिक प्रभावी बनाया जाएगा।


विकसित ग्राम–विकसित वार्ड अभियान पर जोर

मुख्यमंत्री ने कहा कि “विकसित ग्राम–विकसित वार्ड” अभियान के तहत गांवों और शहरों का विकास वर्ष 2030, 2035 और 2047 की जरूरतों को ध्यान में रखकर किया जा रहा है। इस अभियान का उद्देश्य एक दीर्घकालिक और सुनियोजित विकास रोडमैप तैयार करना है।


डिजिटल मैपिंग बनेगा मुख्य आधार

मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को निर्देश दिए कि इस अभियान में डिजिटल मैपिंग का अधिकतम उपयोग किया जाए, जिससे—

  • क्षेत्रीय जरूरतों की सटीक पहचान हो सके
  • विकास योजनाओं की बेहतर प्लानिंग हो
  • संसाधनों का अधिकतम उपयोग सुनिश्चित हो

पीएम गतिशक्ति से रियल टाइम मॉनिटरिंग

उन्होंने कहा कि पीएम गतिशक्ति प्लेटफॉर्म के माध्यम से विभिन्न विभागों की परियोजनाओं की रीयल टाइम मॉनिटरिंग संभव हो रही है।

इससे योजनाओं के क्रियान्वयन में तेजी आएगी, पारदर्शिता बढ़ेगी और विकास कार्यों में समन्वय बेहतर होगा।


GIS तकनीक से सटीक योजना निर्माण

बीआईएसएजी-एन के महानिदेशक टी.पी. सिंह ने बताया कि GIS आधारित तकनीक के जरिए सड़क, रेल, ऊर्जा, जल और शहरी विकास परियोजनाओं को एक ही प्लेटफॉर्म पर एकीकृत किया जा रहा है, जिससे बेहतर समन्वय और निगरानी संभव हो रही है।

इस बैठक में मुख्य सचिव वी. श्रीनिवास सहित कई वरिष्ठ अधिकारी उपस्थित रहे।


यह पहल राज्य में तकनीक आधारित प्रशासन और विकास योजनाओं को नई गति देने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम मानी जा रही है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version