लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
100 वर्षों से अधिक पुरानी परंपरा देखने उमड़े श्रद्धालु
डग, झालावाड़ (सुनील निगम)। झालावाड़ जिला के डग कस्बे में धुलेंडी पर्व पर सदियों पुरानी आस्था की अनूठी परंपरा आज भी पूरे श्रद्धाभाव के साथ निभाई जा रही है। 100 वर्षों से अधिक समय से चली आ रही इस परंपरा को देखने के लिए हर वर्ष आस्था का सैलाब उमड़ पड़ता है।
धुलेंडी के अवसर पर प्रतिवर्ष संध्या समय चौकड़ी दरवाजा स्थित हनुमान मंदिर डग परिसर में विशेष आयोजन किया जाता है। इस वर्ष भी शाम 6 बजे श्री हनुमान जी एवं वेरई माता की विधिवत पूजा-अर्चना के बाद परंपरा का आयोजन हुआ।
15 फीट लंबी अंगारों की खाई
परंपरा के तहत लगभग 15 फीट लंबी, 2 फीट गहरी और डेढ़ फीट चौड़ी खाई खोदी जाती है। इसमें करीब दो क्विंटल लकड़ियों से अंगारे तैयार किए जाते हैं। अंगारों को 15 किलो शुद्ध देसी घी डालकर और अधिक धधकाया जाता है। इसके बाद श्रद्धालु नंगे पैर इन जलते अंगारों पर चलकर अपनी मनौतियां पूरी करते हैं।
बुधवार को आयोजित कार्यक्रम में करीब 125 महिला, पुरुष और बच्चों ने धधकते अंगारों पर चलकर अपनी आस्था प्रकट की।
आसपास के गांवों से उमड़े ग्रामीण
स्थानीय जानकारों के अनुसार, आस्था और श्रद्धा के चलते धधकते अंगारों पर चलने की यह अनोखी परंपरा वर्षों से निरंतर निभाई जा रही है। इसे देखने और इसमें भाग लेने के लिए डग ही नहीं बल्कि आसपास के दर्जनों गांवों से भी बड़ी संख्या में ग्रामीण पहुंचे।
धार्मिक आस्था और विश्वास का यह अद्भुत दृश्य देर शाम तक श्रद्धालुओं के आकर्षण का केंद्र बना रहा।



















































