Home latest धार्मिक स्थलों के 100 मीटर दायरे में मांसाहार पर प्रतिबंध की मांग

धार्मिक स्थलों के 100 मीटर दायरे में मांसाहार पर प्रतिबंध की मांग

0

लोक टुडे न्यूज नेटवर्क 

भीलवाड़ा। सांसद दामोदर अग्रवाल ने लोकसभा में यह मांग रखी है कि देशभर के हिंदू धार्मिक स्थलों के 100 वर्गमीटर के दायरे में मांसाहार की बिक्री और सेवन पर रोक लगाई जाए। साथ ही उन्होंने इसके लिए कठोर कानून बनाने की आवश्यकता पर जोर दिया।

सांसद प्रवक्ता विनोद झुरानी ने जानकारी दी कि सांसद अग्रवाल ने एक प्रस्तावित विधेयक लोकसभा में पेश करने के लिए सूचीबद्ध कराया है। इस विधेयक के अनुसार मंदिरों और देवालयों के आसपास पशुओं को काटना, खुले में मांस लटकाना, बेचना, पकाना या खाना अपराध घोषित किया जाना चाहिए।


श्रद्धालुओं की आस्था और पवित्रता का मुद्दा

सांसद अग्रवाल ने कहा कि धार्मिक स्थलों के पास ऐसी गतिविधियाँ होने से श्रद्धालुओं की उपासना की सात्विकता और पवित्रता प्रभावित होती है। मांसाहार से जुड़ी गंध, दृश्य और ध्वनि से पूजा में व्यवधान पड़ने की आशंका रहती है।


विशेष धार्मिक अधिकारी नियुक्त करने का प्रस्ताव

प्रस्तावित विधेयक में यह भी कहा गया है कि इसके प्रभावी क्रियान्वयन के लिए विशेष धार्मिक अधिकारी नियुक्त किए जाएं।

  • ये अधिकारी स्वयं शाकाहारी और धार्मिक नियमों का पालन करने वाले होंगे।

  • सरकार उन्हें वेतन और भत्ते देगी।

  • उन्हें 100 मीटर क्षेत्र में निरीक्षण, पूछताछ और उल्लंघन पाए जाने पर वाहन, साधन और मवेशियों को जब्त करने का अधिकार होगा।

  • ऐसे मामलों में दोषी व्यक्तियों को पुलिस को सौंपने की व्यवस्था भी रहेगी।


केंद्र सरकार से वित्तीय सहायता की मांग

सांसद अग्रवाल ने कहा कि बिल लागू होने पर केंद्र सरकार राज्य सरकारों को वित्तीय सहायता प्रदान करे ताकि इस कानून का क्रियान्वयन प्रभावी हो सके।


देवालय की परिभाषा और दंड प्रावधान

बिल में देवालय की परिभाषा में सार्वजनिक धार्मिक उपासना स्थल, सांस्कृतिक संस्था, मठ, मंडप और पुस्तकालय भी शामिल होंगे।
सांसद ने मांग की कि इस कानून का उल्लंघन करने वालों को 3 से 8 साल तक की सजा मिले।


उद्देश्य

सांसद अग्रवाल ने कहा कि इस बिल का उद्देश्य है कि पूरे देश में धार्मिक स्थलों की पवित्रता बनी रहे, 100 मीटर परिधि में मांस कारोबार और वितरण पर पूर्ण प्रतिबंध लगे और साम्प्रदायिक सद्भाव को मजबूत किया जा सके।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version