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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क, उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)।
शहर सहित आसपास के ग्रामीण अंचलों में रविवार को देवउठनी एकादशी का पर्व बड़ी श्रद्धा और भक्ति भाव से मनाया गया। इस अवसर पर मंदिरों में विशेष पूजा-अर्चना की गई और घर-घर में देवों को उठाकर पूजा-विधि संपन्न की गई।
सुबह से ही श्रद्धालु महिलाएं देवउठनी की तैयारियों में जुट गईं। घरों के आंगन में गोबर से लीपकर रंगोलियां बनाई गईं। गन्ने, पंचामृत, केसर मिश्रित खीर, ऋतु फल, सिंघाड़ा, बैर, मूंगफली और हरी सब्जियों का भोग लगाकर भगवान विष्णु की आराधना की गई।
महिलाओं ने दीपक जलाकर भजन-कीर्तन करते हुए 108 परिक्रमा लगाईं। इस दौरान बच्चों ने आतिशबाजी कर उत्सव का आनंद लिया। मंदिरों और घरों में विद्युत सजावट से वातावरण भक्ति से सराबोर रहा।
भीष्म उपवास की शुरुआत
देवउठनी एकादशी के साथ ही भीष्म उपवास आरंभ हो गए। कार्तिक स्नान करने वाली महिलाएं अब पांच दिनों तक निराहार रहकर संयमपूर्वक उपवास रखेंगी। धार्मिक मान्यता के अनुसार, इसी दिन भीष्म पितामह ने अपनी प्रसिद्ध प्रतिज्ञा ली थी और उन्हें भगवान श्रीहरि के दर्शन हुए थे।
मांगलिक कार्यों की हुई शुरुआत
देवउठनी एकादशी के साथ ही अब शादी-विवाह और अन्य मांगलिक कार्यों की शुरुआत भी हो गई है। मंदिरों में भगवान विष्णु की आरती और तुलसी विवाह के आयोजन से पूरा क्षेत्र भक्ति और उल्लास से झूम उठा।
