लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)।
उपखंड क्षेत्र के श्री दिगंबर जैन सुखोदय अतिशय तीर्थ क्षेत्र सुथड़ा में अष्टानीका महापर्व के पांचवें दिन रविवार को जैन धर्म के अठारहवें तीर्थंकर अरहनाथ भगवान का केवल ज्ञान कल्याणक उत्सव श्रद्धा और भक्ति से मनाया गया।
प्रबंध कमेटी के कार्याध्यक्ष बाबूलाल कासलीवाल और कोषाध्यक्ष महावीर प्रसाद ने बताया कि अरहनाथ भगवान ने तीर्थंकर, चक्रवर्ती और कामदेव — तीनों पद एक ही भव में प्राप्त किए।
इस अवसर पर परम पूज्य तीर्थचक्रवर्ती मुनिपुंगव श्री सुधासागर जी महाराज द्वारा पूर्व में दिए गए अभिषेक-शांतिधारा संकल्प की शुरुआत उनियारा के बच्चों ने की। बच्चों के अंदर अभिषेक व शांतिधारा के प्रति अत्यंत भक्ति और उत्साह देखने को मिला।
शास्त्री प्रिंस जैन देवांश के निर्देशन में मंगलाष्टक से कार्यक्रम की शुरुआत हुई। इसके बाद नित्य अभिषेक और शांतिधारा संपन्न की गई।
वार्षिक शांतिधारा का आयोजन रमेशचंद सर्राफ (जयपुर), राजेंद्र कुमार अशोक कासलीवाल (उनियारा), सरोज जैन (टोंक), मुकेश आगम सौगाणी (सवाई माधोपुर), रिकभ और अंकित पचाला (टोंक) द्वारा किया गया।
इसके पश्चात देव-शास्त्र पूजा, चौबीस भगवान की मूलनायक पूजा और अरहनाथ भगवान के ज्ञान कल्याणक महोत्सव का आयोजन हुआ।
भक्तामर संयोजक हुक्मचंद जैन और नाथूलाल जैन बनेठा ने बताया कि शाम साढ़े छह बजे भक्तामर मंडल अलीगढ़ द्वारा दीपार्चना कर कार्यक्रम का समापन किया गया।
