लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
भरतपुर – नगर निगम द्वारा शहर के ऐतिहासिक गंगा मंदिर को रियासतकालीन रूप देने और मंदिर के एंट्री पॉइंट को हेरिटेज लुक में बदलने के लिए अतिक्रमण हटाने की कार्रवाई की जा रही है। देवस्थान विभाग ने गंगा मंदिर के नीचे स्थित 16 दुकानदारों को अतिक्रमण हटाने का नोटिस जारी किया है, जबकि दो दुकानदारों को बेदखल करने का नोटिस भी दिया गया है।दुकानदारों ने देवस्थान विभाग के खिलाफ नाराजगी जताते हुए विरोध प्रदर्शन किया। उनका आरोप है कि देवस्थान विभाग मनमानी कर रहा है, जबकि वे लगातार दुकानों का किराया देते आ रहे हैं। दुकानदारों का कहना है कि वे अपने व्यवसाय को चलाने के लिए इन दुकानों पर निर्भर हैं और बेदखली से उनके परिवारों पर असर पड़ेगा।देवस्थान विभाग के अधिकारियों का कहना है कि नवीन किरायनीति के अनुसार किराया जमा नहीं कराया गया है और न ही किरायनीति नियमित कराई गई है, इसलिए बेदखल किया गया है। विभाग का उद्देश्य मंदिर को उसके मूल रूप में पुनर्स्थापित कर पर्यटन को बढ़ावा देना है।दुकानदारों का विरोध प्रदर्शन देखकर नगर निगम आयुक्त श्रवण कुमार विश्नोई मौके पर पहुंचे और दुकानदारों से समझाइश की। इसके बाद दुकानदार एकत्रित होकर देवस्थान विभाग कार्यालय पहुंचे जहां अधिकारियों को समस्या से अवगत कराया।
बलवंत सिंह ने बताया कि देवस्थान विभाग की ओर से उन्हें बेदखली का नोटिस दिया गया है। दो दुकान दी गई है एक उनके दादा के समय की है तो दूसरी 40 साल पुरानी है दोनों दुकानों का हमारी ओर से देवस्थान विभाग को किराया जाता है। मार्च 2025 तक का हमारा किराया जमा है आगे किराया देने गए तो देवस्थान विभाग ने मना कर दिया। 18 दुकानदारों को नोटिस दिया गया है जिनमें 16 दुकानदारों को आगे टीन शेड हटाने का को कहा गया जबकि दो दुकानों को बेदखल का नोटिस दिया गया है। इससे तो यही अंदाजा लगाया जा सकता है कि देवस्थान विभाग अपनी मनमानी कर रहा है।
नगर निगम आयुक्त श्रवण कुमार विश्नोई ने बताया कि देवस्थान विभाग की ओर से दुकानदारों को नोटिस दिया गया था जिसके चलते मुझे व्यापारियों ने यहां बुलाया। जिनको नोटिस दिया गया है उनकी दुकान ऊंची हैं जिससे यह अतिक्रमण हटे तो सीढ़ियां बना कर गंगा मंदिर के क्षतिग्रस्त छज्जों को ठीक कर हेरिटेज लुक दिया जा सके.टूटे हुए छज्जे के कारण बारिश का पानी अंदर जाता है जिससे रिपेयर की जरूरत है, विरोध कर रहे दुकानदारों से समझाइश कर शान्त कराया ।
देवस्थान विभाग की ओर से बलवंत पुत्र गुलाब सिंह को दिए गए नोटिस में बताया है कि राजकीय आत्मनिर्भर मंदिर गंगा जी की दुकान किराए पर दी गई थी।
नवीन किराया नीति के अनुसार किरायानामा तहरीर नहीं करने व नवीन किराया नीति के अनुसार किराया भी नहीं जमा कराया गया। नवीन किराया नीति के अनुसरण में आप द्वारा किराया नीति नियमित नहीं कराई गई आपकी किराएदारी समाप्त की जाती है।
अन्य 16 दुकानदारों को दिए गए नोटिस में कहा गया है कि राजकीय आत्मनिर्भर मंदिर गंगा जी की दुकान पर अवैध रूप से काबिज है। प्रशासन के सौंदर्य करण अभियान के तहत अतिक्रमण हटाने के लिए नोटिस जारी किया गया है।
इसके बाद दुकानदार बड़ी संख्या में एकत्रित होकर देवस्थान विभाग कार्यालय पहुंचे जहां अधिकारियों को अवगत कराया है।