Home accident डेगाना क्षेत्र के खरियाबास की ढाणी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय की...

डेगाना क्षेत्र के खरियाबास की ढाणी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय की पट्टियां गिरी

0

राजस्थान में सरकारी स्कूलों की छतें गिरने का सिलसिला जारी

 प्रार्थना में बच्चे  होने से बड़ा   हादसा  टला

लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

राजेंद्र सिंह वरिष्ठ पत्रकार

डेगाना । राजस्थान में सरकारी विद्यालयों की छतों का गिरने का सिलसिला जारी है। झालावाड़ के बाद अब डेगाना विधानसभा क्षेत्र के खरियाबास की ढाणी के राजकीय प्राथमिक विद्यालय में हादसा हुआ है।

आज बारिश के कारण स्कूल के बरामदे की छत से चार पट्टियां टूटकर गिर गईं। उस समय स्कूल चल रहा था। शिक्षक और बच्चे स्कूल में अलग कमरे में मौजूद थे। अगर बच्चे बरामदे के पास होते तो बड़ा हादसा हो सकता था।

स्कूल शिक्षक ने बताया कि बरामदे की छत पहले से ही जर्जर अवस्था में थी। 21 जुलाई को हुई बारिश में सीलन की वजह से दरारें आ गई थीं। इसी कारण स्कूल प्रशासन ने इस एरिया को जाली लगाकर बंद कर रखा था।

21 जून को दी  प्रशासन को जानकारी

21 जुलाई को ही स्कूल के बरामदे की एक पट्टी टूटकर नीचे गिर गई थी। इसकी सूचना डेगाना सीबीओ और ब्लॉक पीओ को दी गई थी। लेकिन कोई कार्यवाही नहीं हुई। स्कूल में दो शिक्षक और कुल 18 बच्चे अध्ययनरत हैं।

पीओ सोनू ने बताया कि इस स्कूल के जर्जर होने की सूचना डेगाना सीबीओ को दी गई थी। एसीबीओ गोरधन राम डूडी ने स्कूल का अवलोकन कर मरम्मत की योजना बनाई थी।

बच्चों को पहले ही कर दिया था शिफ्ट

सीबीओ गीता शर्मा ने बताया कि स्कूल छत के जर्जर होने की सूचना मिलने पर एसीबीओ से स्कूल के मरम्मत कार्य का अवलोकन करवाया गया था। उन्होंने बताया कि उस जगह को प्लास्टिक की जाली लगाकर बंद करवा दिया गया था। बच्चों व शिक्षकों को वहां न जाने के निर्देश दिए गए थे। इसकी सूचना उपखंड अधिकारी को भी दी गई थी। सीबीओ ने आश्वासन दिया है कि जल्द ही इस स्कूल की छत का निर्माण करवाया जाएगा।

सरकार कर स्कूलो की मरम्मत

कांग्रेस के सीता राम बिंदा ने कहा कि स्थानीय और जिला प्रशासन सहित सरकार में बैठे आला अधिकारियों को जीर्ण-शीर्ण स्कूलों को चिन्हित करवाना चाहिए। जब तक मरम्मत नहीं हो तब तक स्कूली बच्चों के अध्ययन के लिए अन्य व्यवस्था करनी चाहिए। उन्होंने डेगाना क्षेत्र के कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपने-अपने गांव के स्कूलों का अवलोकन कर प्रशासन को अवगत कराने की मांग की है।

NO COMMENTS

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here

Exit mobile version