लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
चित्तौड़गढ़।
कृषि विज्ञान केन्द्र, चित्तौड़गढ़ एवं हिंदुस्तान इनसेक्टिसाइड्स लिमिटेड (एचआईएल), नई दिल्ली के संयुक्त तत्वावधान में 4 नवम्बर 2025 को रबी सीजन के तहत किसान गोष्ठी का आयोजन किया गया। गोष्ठी का उद्देश्य किसानों को कीटनाशकों के सुरक्षित एवं विवेकपूर्ण उपयोग के साथ-साथ समन्वित कृषि प्रणाली आधारित खेती के लिए प्रोत्साहित करना रहा।
कार्यक्रम की अध्यक्षता डाॅ. आर.एल. सोनी, निदेशक प्रसार शिक्षा, महाराणा प्रताप कृषि एवं प्रौद्योगिकी विश्वविद्यालय, उदयपुर ने की। उन्होंने किसानों से कहा कि डेयरी, मुर्गीपालन, बकरी पालन, वर्मी कम्पोस्ट, अजोला, सब्जी उत्पादन और बागवानी को फसल उत्पादन के साथ जोड़कर अन्तःशस्य फसलें उगाई जाएं, जिससे अधिक आमदनी प्राप्त कर आजीविका में सुधार किया जा सके।
कार्यक्रम में संयुक्त निदेशक कृषि विस्तार दिनेश जागा, उपनिदेशक आई.पी.एम. ओ.पी. शर्मा, एचआईएल के कुलवंत सिंह तथा डाॅ. नरेन्द्र सिंह, सहायक विक्रय अधिकारी, भी विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।
वरिष्ठ वैज्ञानिक एवं अध्यक्ष डाॅ. रतन लाल सोलंकी ने अतिथियों का स्वागत करते हुए केन्द्र की गतिविधियों की जानकारी दी और किसानों को रबी फसलों की उन्नत उत्पादन तकनीक, पोषक तत्व प्रबंधन एवं खरपतवार नियंत्रण के विषय में मार्गदर्शन दिया।
कार्यक्रम सहायक दीपा इंदौरिया ने कीटनाशकों के सुरक्षा उपायों एवं उपयोग की तकनीकी जानकारी साझा की, जबकि संजय कुमार धाकड़ ने किसानों को कीट वितरण में सहयोग किया।
गोष्ठी में लगभग 325 किसानों ने भाग लिया। संचालन दीपा इंदौरिया ने किया।
कार्यक्रम में शंकरलाल नाई (सेवानिवृत्त सहायक कृषि अधिकारी), राजू लाल गुर्जर, दुर्गा शंकर मोड़ सहित कई कृषक उपस्थित रहे।
अंत में राजेश आनंद (एचआईएल लिमिटेड) ने सभी अतिथियों और किसानों का आभार व्यक्त किया।















































