लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)। उपखंड क्षेत्र के पलाई कस्बे में गुरुवार को नेहरू युवा केंद्र टोंक व राजकीय उमावि पलाई के संयुक्त तत्वाधान में नेताजी सुभाष चंद्र बोस के जन्मदिवस को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया गया ।इस अवसर पर विद्यालय के सेमिनार हॉल में कार्यक्रम आयोजित किया गया| जिसमें पूर्व सरपंच सोहनलाल धाकड़ व पलाई प्राथमिक चिकित्सा केंद्र प्रभारी डॉ. भवानी सिंह मीणा ने मुख्य अतिथि थे।जबकि कार्यक्रम की अध्यक्षता प्रधानाचार्य गीता मीणा ने की|कार्यक्रम में सर्वप्रथम नेताजी के चित्र के समक्ष पुष्पांजलि अर्पित कर मुख्य अतिथि और उपस्थित स्टाफ, मंडल सदस्यों और विद्यार्थियों ने नेताजी सुभाष चंद्र बोस समर्पित पराक्रम दिवस को मनाए जाने के विषय में और सुभाष चंद्र बोस के बारे में जानकारी दी।

मुख्य अतिथि पूर्व सरपंच सोहनलाल धाकड़ एवं पलाई डॉ. भवानी सिंह मीणा कार्यक्रम कों सम्बोधित करते हुए कहा कि पराक्रम दिवस सभी के लिए विशेष दिन है। नेताजी की रणनीतियां और उनके द्वारा बनाई गई आजाद हिंद फौज का पराक्रम अंग्रेजों के भारत छोड़ कर जाने का कारण बना। हर साल 23 जनवरी को भारत में उनके जन्मदिन को पराक्रम दिवस के रूप में मनाया जाता है। प्रधानाचार्य गीता मीणा ने बताया कि पराक्रम का अर्थ शौर्य से है। इसीलिए पराक्रम दिवस को शौर्य दिवस के तौर पर भी जाना जाता है।

नेताजी सुभाष चंद्र बोस अदम्य साहस और शौर्य के प्रतीक थे इसीलिए भारत सरकार ने उनकी जयंती को पराक्रम दिवस का नाम दिया। व्याख्याता बृजेश सिंह ने बताया कि भारतीय स्वतंत्रता संग्राम में अनेक महापुरुषों ने अपना योगदान दिया था जिनमें नेताजी सुभाष चंद्र बोस का नाम पहली पंक्ति में है। सुभाष चंद्र बोस ने भारत के लिए पूर्ण स्वराज का सपना देखा था। भारत को गुलामी की बेड़ियों से आजाद कराने के उन्होंने कई आंदोलन किए और इसकी वजह से नेताजी को कई बार जेल भी जाना पड़ा। उन्होंने अपने वीरतापूर्ण कार्यों से अंग्रेजी सरकार की नींव को हिलाकर रख दिया था।

पराक्रम दिवस पर विद्यार्थियों द्वारा निबंध एवं भाषण प्रतियोगिता आयोजित की गई। अतिथियों ने विजेता प्रतिभागियों को सम्मानित किया गया। कार्यक्रम का संचालन अध्यापक चंदन सिंह ने किया। नेहरू युवा केंद्र के यूथ कोऑर्डिनेटर श्योजी लाल और अध्यापक चंदन सिंह पंवार ने आए हुए समस्त अतिथियों का धन्यवाद किया और इस कार्यक्रम के आयोजन के लिए विद्यालय के प्रिंसिपल एवं प्रबंध समिति का विशेष रूप से आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर कृषि पर्यवेक्षक बलराम धाकड़, स्कूल प्रधानाचार्य गीता मीणा, तेजाजी समिति अध्यक्ष लोकेश पांचाल, व्याख्याता मस्तराम मीणा, ब्रजेश सिंह, शा. शि. धर्मराज मीणा, वरिष्ठ अध्यापक रामलाल रेगर, मंडल अध्यक्ष हरिराम खींची, शाहरुख़ ख़ान, अन्य स्टाफ सदस्य और विद्यार्थी मौजूद थे।














































