लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पीसांगन (अजमेर) । रामपुरा डाबला के ग्रामीणों ने भू प्रबंधन विभाग द्वारा किए गए नवीन भू-सर्वेक्षण (सेंटलमेट) में गंभीर त्रुटियों का आरोप लगाते हुए उपखंड अधिकारी राजीव बड़गूजर के नाम ज्ञापन सौंपकर सर्वेक्षण की समीक्षा कराने अथवा पुनः सर्वेक्षण कराने की मांग की।
ग्रामीणों का आरोप है कि नवीन सर्वेक्षण में गांव के अधिकांश किसानों की कृषि भूमि का क्षेत्रफल कम कर दिया गया है। कई किसानों के खेतों को सरकारी भूमि के रूप में दर्ज कर दिया गया, जबकि अनेक खातेदारों के एक ही खसरे को कई हिस्सों में विभाजित कर दिया गया है। इसके अलावा कई खसरों का क्षेत्रफल बढ़ा या घटा दिया गया है, जिससे किसानों को राजस्व संबंधी समस्याओं का सामना करना पड़ रहा है।
ज्ञापन में यह भी आरोप लगाया गया कि कई खातेदारों के नाम दर्ज भूमि को पड़ोसी खातेदारों के नाम दर्ज कर दिया गया है। साथ ही कुछ किसानों की भूमि की श्रेणी (किस्म) भी बदल दी गई है। ग्रामीणों का कहना है कि वर्षों बाद भूमि अभिलेख सही हुए थे, लेकिन नवीन सर्वेक्षण ने उन्हें फिर से त्रुटिपूर्ण बना दिया है।
ग्रामीणों ने आरोप लगाया कि सर्वेक्षण प्रक्रिया के दौरान किसानों को पर्याप्त सूचना नहीं दी गई। पर्चों का वितरण बिना पूर्व सूचना के किया गया और आपत्तियों के निस्तारण के समय भी किसी किसान को मौके पर बुलाकर सुनवाई नहीं की गई। उनका कहना है कि पूरी प्रक्रिया में पारदर्शिता का अभाव रहा और किसानों को विश्वास में लिए बिना कार्य किया गया।
ग्रामीणों ने चेतावनी दी कि यदि इन त्रुटियों का शीघ्र समाधान नहीं किया गया तो किसानों के बीच विवाद और आपसी झगड़े बढ़ सकते हैं। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि नवीन सर्वेक्षण की निष्पक्ष समीक्षा कर इसे निरस्त किया जाए अथवा पुनः सर्वेक्षण कराकर किसानों की समस्याओं का समाधान सुनिश्चित किया जाए।
