लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
भीलवाड़ा (पंकज पोरवाल) – एनएसयूआई जिलाध्यक्ष भावेश कुमार पुरोहित के नेतृत्व में शुक्रवार को एनएसयूआई कार्यकर्ताओं ने जिला कलेक्टर कार्यालय के सामने विरोध प्रदर्शन किया और मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा का पुतला फूंका। इसके बाद कलेक्ट्रेट में ज्ञापन सौंपा गया, जिसमें राजस्थान विश्वविद्यालय के परिसर में आयोजित समारोह में शस्त्र पूजन और राजनीतिक गतिविधियों पर आपत्ति जताई गई।
ज्ञापन में प्रदेशाध्यक्ष विनोद जाखड़ की रिहाई की मांग की गई और चेतावनी दी गई कि अगर उन्हें जल्द रिहा नहीं किया गया तो पूरे प्रदेश में उग्र आंदोलन किया जाएगा।
जिलाध्यक्ष भावेश कुमार पुरोहित ने कहा कि कॉलेज कैंपस में शैक्षणिक माहौल को प्रभावित करते हुए प्रचार और शस्त्र पूजन जैसी धार्मिक-राजनीतिक गतिविधियां आयोजित की गईं। उन्होंने कहा, “जहां ज्ञान का केंद्र होना चाहिए, वहां हथियारों की पूजा और कट्टरपंथी विचारधारा का प्रदर्शन अस्वीकार्य है। विरोध करने वाले छात्रों पर पुलिस ने कार्रवाई की, उन्हें हिरासत में लिया और मारपीट की गई।”
ज्ञापन में विश्वविद्यालय के पूर्व छात्रसंघ अध्यक्ष और प्रदेश अध्यक्ष विनोद जाखड़, किशोर चौधरी, महेश कुमार, मनीष, रामसिद्ध, विकास, साहिल, अवक्षय और राजेश कुमार नैगी की गिरफ्तारी का भी उल्लेख किया गया। एनएसयूआई ने कहा कि यह पूरी घटना छात्रों के लोकतांत्रिक अधिकारों के प्रयोग को दबाने का प्रयास है।
इस विरोध प्रदर्शन में कांग्रेस शहर महासचिव निसार सिलावट, प्रेम चावला, दयाशंकर खटीक, अतुल, अमन खटीक, किशन खटीक, रणजीत, प्रकाश, उमेश, अनिल, पप्पू खटीक, राजु, राजेन्द्र, सिद्धार्थ, नारायण, अक्षीत पुरोहित, अंकित टेलर सहित सैकड़ों एनएसयूआई कार्यकर्ता शामिल हुए।
एनएसयूआई ने कहा कि लोकतंत्र में विरोध करना अपराध नहीं है और छात्र अपने अधिकारों का प्रयोग शांतिपूर्ण ढंग से कर रहे थे।
