भीलवाड़ा के महात्मा गांधी अस्पताल में जल्द हो कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों की नियुक्ति

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

राजस्थान मेडिकल रिलीफ सोसायटी के पूर्व सदस्य व समाजसेवी मोहम्मद हारून रंगरेज ने जिला कलेक्टर को सौपा ज्ञापन

भीलवाडा। (पंकज पोरवाल) जिले का सबसे बड़ा महात्मा गांधी हॉस्पिटल आज भी आवश्यक हृदय रोग विशेषज्ञ (कार्डियोलॉजिस्ट) और अत्याधुनिक चिकित्सा सुविधाओं से वंचित है। इस गंभीर स्थिति को लेकर राजस्थान मेडिकल रिलीफ सोसायटी के पूर्व सदस्य व समाजसेवी मोहम्मद हारून रंगरेज ने राज्य सरकार और चिकित्सा विभाग से मांग की है कि जल्द से जल्द अस्पताल में कार्डियोलॉजिस्ट, एंजियोग्राफी मशीन और स्टेंट सुविधा की व्यवस्था की जाए। रंगरेज ने बताया कि महात्मा गांधी अस्पताल न केवल भीलवाड़ा, बल्कि आसपास के जिलों राजसमंद, अजमेर, कोटा, चित्तौड़गढ़ और ब्यावर तक के मरीजों के इलाज का एकमात्र भरोसा है।

लेकिन हैरानी की बात यह है कि इतने बड़े अस्पताल में न तो हार्ट स्पेशलिस्ट डॉक्टर हैं, न ही एंजियोग्राफी होती है और न ही स्टेंट लगाया जाता है। स्वास्थ्य सेवाओं से जुड़े जानकारों का कहना है कि जिले में बढ़ते हृदय रोगों के मामलों को देखते हुए कार्डियोलॉजी विशेषज्ञों की तत्काल नियुक्ति जरूरी है। मगर अफसोस की बात है कि जनहित के इस गंभीर विषय को भी राजनीति का शिकार बना दिया गया है। मोहम्मद हारून रंगरेज ने प्रदेश सरकार, चिकित्सा मंत्री और चिकित्सा विभाग से गुहार लगाई है कि भीलवाड़ा जैसे महत्वपूर्ण जिले के लिए तत्काल कार्डियोलॉजिस्ट डॉक्टरों की नियुक्ति की जाए, एंजियोग्राफी मशीनें और स्टेंट की व्यवस्था हो ताकि समय रहते हृदय रोगियों का जीवन बचाया जा सके।

हर साल हजारों गरीब मरीज हार्ट अटैक जैसे गंभीर मामलों में इलाज के लिए महात्मा गांधी हॉस्पिटल पहुंचते हैं। लेकिन उचित चिकित्सा सुविधा न होने की वजह से उन्हें अन्य शहरों में रेफर कर दिया जाता है। मोहम्मद हारून रंगरेज ने बताया कि कई बार मरीजों की रास्ते में ही मृत्यु हो जाती है, जो एक बेहद पीड़ादायक स्थिति है।

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