लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर (आर एन सांवरिया): कांग्रेस प्रवक्ता एवं महासचिव आर. सी. चौधरी ने भाजपा और उसके आईटी सेल प्रमुख अमित मालवीय पर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया कि एमपीएलएडी फंड को लेकर फैलाया जा रहा प्रचार भ्रामक और दोगला है।
चौधरी ने सीधे तौर पर गृहमंत्री और भाजपा अध्यक्ष से पूछा कि क्या कानून, नियम और नैतिकता केवल कांग्रेस के लिए हैं और भाजपा सांसदों के लिए नहीं। उन्होंने कहा कि भाजपा सांसदों द्वारा देश के विभिन्न राज्यों में करोड़ों रुपये की अनुशंसा करने को लेकर कोई सवाल नहीं उठता, जबकि कांग्रेस सांसदों पर आरोप लगाए जाते हैं।
मुख्य आरोप और सवाल:
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क्या एमपीएलएडी के नियम भाजपा सांसदों के लिए अलग हैं?
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क्या अमित मालवीय जनता को आधा सच दिखाकर गुमराह कर रहे हैं?
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क्या प्रधानमंत्री के संसदीय क्षेत्र तक सांसदों के एमपीएलएडी फंड पर निर्भर रहने को सुशासन कहा जाएगा?
चौधरी ने भाजपा सांसदों द्वारा दूसरे राज्यों में किए गए एमपीएलएडी खर्च का उदाहरण भी दिया:
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विवेक ठाकुर (नवादा, बिहार): इंदौर, एमपी 14.99 लाख रुपये
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चुन्नीलाल गरासिया (राजस्थान): पीलीभीत, यूपी 49.70 लाख रुपये
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रवनीत सिंह (राजस्थान): करनाल, हरियाणा 5 लाख; अमृतसर, पंजाब 85,000; जालंधर, पंजाब 13.49 लाख; अमृतसर, पंजाब 1 लाख
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धर्मबीर सिंह (हरियाणा): ठाणे, महाराष्ट्र 21 लाख; वाराणसी, यूपी 7.36 लाख
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घनश्याम तिवारी (राजस्थान): हमीरपुर, हिमाचल 5 लाख; अयोध्या, यूपी 20 लाख
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सिकंदर कुमार (हिमाचल प्रदेश): शाहजहांपुर, यूपी 25 लाख; रतलाम, एमपी 25 लाख; छत्तीसगढ़ 25 लाख
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गोविंदभाई धोळाखिया (गुजरात): आगरा, यूपी 2.5 लाख × 5 बार
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सतनाम सिंह संधू (चंडीगढ़, RS Nominated): लेह, लद्दाख 10 लाख; अमृतसर, पंजाब 10 लाख; रूपनगर, पंजाब 10 लाख; पुलवामा, JK 10 लाख
चौधरी ने कहा कि सांसद देश में कहीं भी सार्वजनिक हित में फंड की अनुशंसा कर सकते हैं, लेकिन भाजपा इसे विपक्ष पर हमला करने के लिए हथियार बना रही है। उन्होंने भाजपा और गृहमंत्री से स्पष्ट जवाब देने की मांग की।
चौधरी ने जोर देकर कहा:
“कांग्रेस डरने वाली नहीं है। सच हमारे साथ है और जनता सब देख रही है। क्या यही भाजपा का ‘डबल इंजन’ मॉडल है?”















































