भागवत कथा के चौथे दिन मनाया भगवान श्रीकृष्ण का जन्मोत्सव 

0
120
- Advertisement -

लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

कलयुग में भागवत कथा श्रवण से मोक्ष की प्राप्ति होती है: संत अर्जुन राम

भीलवाडा। (पंकज पोरवाल) कलयुग में भागवत कथा श्रवण से मोक्ष की प्राप्ति होती है। साथ ही जन्म-जन्मांतर के पाप भी नष्ट हो जाते हैं। जब जब धरती पर अनीति अत्याचार अधर्म का साम्राज्य बढ़ता है तब तब भगवान स्वयं प्रलयकारी रूप धारण कर श्रृष्टि का उलटफेर किया करते है एवं जन्म लेकर धर्म और सनातन संस्कृति के उत्थान की दिशा में पुनः श्रृष्टि का निर्माण करते है। उक्त अमृत वचन सूर्य महल मे मंगरोप वाले काबरा परिवार के द्वारा आयोजित श्रीमद् भागवत कथा के दौरान कथावाचक संत अर्जुन राम के द्वारा श्री कृष्ण जन्मोत्सव के अवसर पर व्यक्त किये गये।

श्रीमद् भागवत कथा के चौथे दिन संत अर्जुन राम ने रामावतार, कृष्णा जन्म नन्दोत्सव आदि प्रसंगों का वर्णन किया। श्रीराम चरित्र का वर्णन करते हुए संतश्री ने कहा कि जब तक राम जैसी मर्यादा धैर्य शालीनता सहजता सरलता एवं चरित्र की पवित्रता जीवन में नहीं आती है तब तक व्यक्ति अशांत होकर शांति की खोज में भटकता ही रहता है। उन्होंने श्रोताओं को सुबह उठकर गुरु व माता-पिता को प्रणाम करने का संदेश देते हुए कहा कि भगवान श्रीराम के आदर्शों का अनुचरण करते हुए माता-पिता की आज्ञा मानने, भ्रातृत्व प्रेम व मित्रता निभाने का आह्वान किया। संतश्री ने कथा में भगवान श्री कृष्ण के जन्मोत्सव का विस्तार से वर्णन करते हुए द्वापर युग में किस तरह से भगवान का अवतरण हुआ आदि प्रसंगों की कथा सुनाई।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here