लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर । कृषि मंत्री डॉक्टर किरोडी लाल मीणा द्वारा हाल ही में चलाए गए खाद ,बीज और पेस्टिसाइड कंपनियां पर अभियान के दौरान कई कृषि अधिकारियों की उर्वरक कंपनियों से मिली भगत नजर आई। कार्रवाई के दौरान उच्च अधिकारियों के बुलाने पर भी कई अधिकारी मौके पर नहीं पहुंचे, इसको गंभीरता से देते हुए करीब 11 अधिकारियों को निलंबित किया गया है । कृषि विभाग के आदेशों के अनुसार बंशीधर जाट, तत्कालीन उप निदेशक कृषि (गु.नि.), ज्वाला प्रताप सिंह, सहायक निदेशक कृषि (गु.नि.), गोविन्द सिंह, सहायक निदेशक कृषि (पौ.सं.), मुकेश कुमार चौधरी, सहायक निदेशक कृषि, राजवीर ओला, कृषि अधिकारी (योजना), सोरभ गर्ग, तत्कालीन कृषि अधिकारी, मुकेश कुमार माली, तत्कालीन कृषि अधिकारी एवं कैलाश चन्द्र शर्मा, तत्का० कृषि अधिकारी हाल उप परियोजना निदेशक (आत्मा) के द्वारा कर्तव्य में गंभीर लापरवाही बरतने व उर्वरक विर्निमाण इकाई मालिकों के साथ सांठ-गांठ कर अमानक उर्वरक किसानों को उपलब्ध कराने में प्रथम दृष्ट्या संलिप्तता के मध्यनजर इनके विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही किये जाने का विचार है। उपरोक्त मामले में राज्यपाल के आदेश से सभी संलिप्त अधिकारियों को निलंबित किया जाता है।अतः उक्त अधिकारियों को राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13(1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एतद् द्वारा तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाता है।निलंबनकाल में इनका मुख्यालय कृषि आयुक्तालय, राज० जयपुर रहेगा तथा इन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता देय होगा।
कृषि विभाग के सहायक निदेशक लोकेंद्र सिंह, सुनील कुमार बरडिया भी निलंबित
राजस्थान सरकार कृषि विभाग ने लोकेन्द्र सिंह, सहायक निदेशक कृषि (मुख्यालय), सुनील कुमार बरडिया, कृषि अधिकारी (सामान्य) एवं प्रेम सिंह, कृषि अधिकारी (मिशन), कार्यालय संयुक्त निदेशक कृषि (वि०), जिला परिषद् जयपुर के द्वारा उर्वरकों के अवैध भण्डारण की शिकायत मिलने पर जब्ती की कार्यवाही करने के लिए शिकायती स्थल पर (आदान निरीक्षकों) नहीं पहुंचने की गंभीर लापरवाही एवं उच्च अधिकारियों के आदेश की अवहेलना किये जाने पर इनके विरूद्ध अनुशासनिक कार्यवाही करते हुए अतः उक्त अधिकारियों को राजस्थान सिविल सेवा (वर्गीकरण, नियंत्रण एवं अपील) नियम, 1958 के नियम 13 (1) में प्रदत्त शक्तियों का प्रयोग करते हुए एतद् द्वारा तुरंत प्रभाव से निलंबित किया जाता है। निलंबनकाल में इनका मुख्यालय कृषि आयुक्तालय, राज० जयपुर रहेगा तथा इन्हें नियमानुसार निर्वाह भत्ता देय होगा।















































