लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
सरकार द्वारा बीमा कंपनियों को प्रीमियम जमा करने के लिए किसानों के बैंक खाते से उसूली कर रही है।
जब किसानों की बीमा दिया जाना संभव ही नहीं है, रामपाल जाट सरकार से जवाब मांगा प्रीमियम कटौती क्यों कर रहे हैं ? इसमें तत्काल रोक लगनी चाहिए,
दूदू:- रिपोर्ट डब्लू गोस्वामी
अभी खेतों में किसानों को जो नुकसान हुआ है, वह नुकसान का मुआवजा कौन भरेगा यह प्रश्न चिन्ह रह गया, किसानों के बीच में जब हमारे पत्रकार खेतों में पहुंचे हैं, तभी किसान महापंचायत के जिला अध्यक्ष बलदेव मेहरिया ने किसानो की बीच में बताया, प्रीमियम तो काट रही है, मगर बीमा कंपनी नुकसान का भरपाई नहीं कर रहे हैं, मगर क्यों ?इसकी जवाब सरकार के पास नहीं है।
किसानों के हितेषी भारत के उपराष्ट्रपति जगदीप धनकर किसानों के खेत के बारे में जब सवाल किया तभी भी जवाब नहीं आए, जिसमें माननीय को इस्तीफा देने पड़े। केंद्र सरकार और राज्य सरकार के पास इसकी जवाब नहीं है, किसानों के दुर्दशा ऐसा चलते रहेंगे, और सरकार आंख मिचकर बैठे रहेंगे।अतिवृष्टि के कारण सामान्यतया मूंग, बाजरा, उड़द, सोयाबीन, ज्वार, मक्का, मूंगफली, ग्वार ,मोठ, चोला ,तिल्ली जैसी खरीफ की फैसले नष्ट हो चुकी है तथा इनकी बुवाई का समय भी समाप्त हो चुका है ।
प्रधानमंत्री फसल बीमा योजना के अंतर्गत क्रॉप कटिंग के आधार पर ही क्षतिपूर्ति दी जा सकती है । फिर भी सरकार द्वारा बीमा कंपनियों को प्रीमियम जमा करने के लिए किसानों के बैंक खातों से वसूली कर रही है । जब किसानों को बीमा दिया जाना संभव ही नहीं है तो सरकार को प्रीमियम कटौती पर तत्काल रोक लगानी चाहिए- रामपाल जाट राष्ट्रीय अध्यक्ष किसान महापंचायत।
















































