लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
पादूकलां। कस्बे सहित आस पास के ग्रामीण क्षेत्र में लगातार हुई बारिश ने किसानों की कमर तोड़ दी है। पादूकलां और आसपास के ग्रामीण इलाकों में खेतों में पानी भर गया है। खेत तालाब जैसे दिखने लगे हैं। इससे करीब 30 से 40 फीसदी तक फसलें खराब हो चुकी हैं। सबसे ज्यादा नुकसान ग्वार और मूंग की फसलों को हुआ है। खेतों में पानी भरा होने से नई फसल बोई नहीं जा सकती। जब तक खेत सूखेंगे नहीं, तब तक कोई काम नहीं हो सकता।कई किसानों की आधी से ज्यादा खेती पर खरपतवार उग आया है। बारिश के कारण निराई-गुड़ाई भी नहीं हो पा रही है। किसान परेशान हैं। एक तरफ बारिश से नुकसान, दूसरी तरफ महंगाई ने उन्हें घेर लिया है। बीज, खाद, दवाई, ट्रैक्टर और पानी सब महंगे हो गए हैं। अभी तक किसानों ने हजारों रुपए खर्च करके फसलों पर बुवाई कि थी ऊपर से फसल भी नहीं मिल रही।।किसानों ने सरकार से मांग की है कि जल्द से जल्द गिरदावरी करवाई जाए। उन्हें उचित मुआवजा दिया जाए। नागौर जिले में सबसे ज्यादा बारिश रिया बड़ी तहसील क्षेत्र में हुई थी। इसी कारण यहां फसलों को भारी नुकसान हुआ है। किसानों का कहना है कि अब तक कोई गिरदावरी नहीं हुई है। इससे उन्हें धोखा महसूस हो रहा है।किसानों ने कहा कि सरकार आमदनी दोगुनी करने की बात करती है, लेकिन जब फसल ही नहीं होगी तो आमदनी कैसे बढ़ेगी। खेतों में पानी भरा है, फसलें सड़ रही हैं। करीब 300 से 500 हेक्टेयर में फसल पूरी तरह नष्ट हो चुकी है। किसान अब सरकार की ओर उम्मीद लगाए बैठे हैं।
