लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
उनियारा (सत्यप्रकाश मयंक)।
उपखंड क्षेत्र में रविवार रात से शुरू हुई बेमौसम बारिश ने जहां मौसम में ठंडक बढ़ा दी है, वहीं लगातार हो रही बरसात से सरसों की फसलों में नुकसान होने के कारण किसानों की चिंताएं बढ़ गई हैं।
रविवार मध्य रात्रि से शुरू हुई बारिश मंगलवार शाम तक लगातार जारी रही। तेज हवा और बरसात के कारण वातावरण में ठिठुरन बढ़ गई। लोग दिन में ही गर्म कपड़ों में लिपटे नजर आने लगे हैं। ठंड के अचानक बढ़ने से मौसमी बीमारियों — विशेषकर छोटे बच्चों में — सर्दी-जुकाम और बुखार के मामले भी बढ़ गए हैं।
विभागीय आंकड़ों के अनुसार, जलसंसाधन विभाग के सहायक अभियंता कार्यालय से मिली जानकारी में बताया गया है कि
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गलवा बांध पर 43 मिमी,
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गलवानियां बांध पर 75 मिमी,
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और ठिकरिया बांध पर 95 मिमी वर्षा
सोमवार शाम 4 बजे से मंगलवार शाम 4 बजे तक दर्ज की गई।
फसलों में भारी नुकसान की आशंका
लगातार हो रही बरसात से खेतों में पानी भर गया है। इससे किसानों को भविष्य की फसल को लेकर गंभीर चिंता सताने लगी है।
भारतीय किसान संघ के जिलाउपाध्यक्ष मदन कुमावत ने बताया कि वर्तमान समय सरसों की बुवाई का मौसम है। क्षेत्र के कई किसानों ने पहले ही बुवाई कर दी थी, जबकि कुछ किसान अभी बुवाई नहीं कर पाए हैं।
उन्होंने बताया कि जिन किसानों ने पहले बुवाई की, उनके खेतों में सरसों अंकुरित होकर भूमि से बाहर आ चुकी है, लेकिन इस लगातार बारिश से अंकुरित फसल के गलने का खतरा बढ़ गया है। वहीं जिन्होंने एक-दो दिन पूर्व ही बुवाई की थी, उनके खेतों में बीज अंकुरित नहीं हो पाएगा, जिससे उत्पादन प्रभावित होगा।
मदन कुमावत ने यह भी कहा कि इस साल वर्षाकाल में पहले ही क्षेत्र में अतिवृष्टि (अत्यधिक वर्षा) हुई थी, जिससे कई खेतों में अब तक भी पानी जमा है। इस बेमौसम बारिश से खेत फिर से पानी-पानी हो गए हैं, जिससे गेहूं की बुवाई भी प्रभावित हो सकती है। यदि गेहूं की बुवाई में देरी होती है, तो अगली फसल भी समय पर नहीं हो पाएगी, जिससे किसानों को आर्थिक नुकसान उठाना पड़ सकता है।
जनजीवन पर असर
लगातार हो रही बारिश से सर्दी और ठिठुरन बढ़ने के साथ ही जनजीवन बुरी तरह प्रभावित हो गया है। लोग घरों में दुबके हैं, जबकि खेतों में पानी भर जाने से कृषि कार्य ठप पड़ गया है।


















































