लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
गुवाहाटी | राजनीतिक समाचार
आगामी असम विधानसभा चुनाव को लेकर भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने अपनी तैयारियां तेज कर दी हैं। पार्टी के वरिष्ठ नेता और केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह 29 दिसंबर तक असम में रहकर चुनावी अभियान और रणनीति को धार देने में जुटे हैं। भाजपा नेतृत्व इसे राज्य में अपनी राजनीतिक पकड़ और मजबूत करने की दिशा में अहम कदम मान रहा है।
चुनावी रणनीति पर मंथन
भाजपा सूत्रों के अनुसार, अमित शाह का यह दौरा केवल जनसभाओं तक सीमित नहीं है, बल्कि इसमें:
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पार्टी पदाधिकारियों के साथ कोर कमेटी बैठकें
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बूथ स्तर तक संगठन को मजबूत करने की योजना
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सहयोगी दलों के साथ सीट बंटवारे और तालमेल पर चर्चा
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केंद्र और राज्य सरकार की योजनाओं को जनता तक पहुंचाने की रणनीति
शामिल हैं।
संगठन और सरकार दोनों पर जोर
अमित शाह राज्य के वरिष्ठ नेताओं और मुख्यमंत्री के साथ लगातार बैठकें कर रहे हैं। भाजपा का लक्ष्य है कि सरकारी योजनाओं और विकास कार्यों को चुनावी मुद्दा बनाते हुए जनता के बीच विश्वास मजबूत किया जाए।
पार्टी नेताओं का मानना है कि असम में कानून-व्यवस्था, बुनियादी ढांचे और कल्याणकारी योजनाओं को लेकर भाजपा को जनता का समर्थन मिल रहा है।
विपक्ष पर भी नजर
भाजपा के चुनावी फोकस के बीच विपक्षी दल भी सक्रिय हो गए हैं। कांग्रेस और अन्य क्षेत्रीय दल महंगाई, बेरोजगारी और स्थानीय मुद्दों को लेकर सरकार को घेरने की कोशिश कर रहे हैं। ऐसे में अमित शाह का दौरा भाजपा के लिए रणनीतिक रूप से काफी अहम माना जा रहा है।
क्यों अहम है असम?
असम न सिर्फ पूर्वोत्तर भारत का एक प्रमुख राज्य है, बल्कि राजनीतिक दृष्टि से भी भाजपा के लिए रणनीतिक केंद्र माना जाता है। पार्टी असम को पूर्वोत्तर में अपनी राजनीति की आधारशिला के रूप में देखती है।
आगे की राह
अमित शाह के इस दौरे के बाद भाजपा की चुनावी गतिविधियों में और तेजी आने की संभावना है। आने वाले दिनों में प्रधानमंत्री और अन्य वरिष्ठ नेताओं के भी असम दौरे की चर्चा है।













































