लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
राजेन्द्र शर्मा जती, भरतपुर।
भरतपुर के अपना घर आश्रम में रक्षाबंधन का पर्व हर्षोल्लास और भावुक पलों के साथ मनाया गया। आश्रम में रह रहे महिला और पुरुष प्रभुजनों ने एक-दूसरे को राखी बांधकर भाई-बहन के अटूट प्रेम का उत्सव मनाया। पदाधिकारी भी इस विशेष अवसर पर प्रभुजनों के साथ शामिल हुए।
आश्रम में वर्तमान में 6,786 प्रभुजन आवासरत हैं, जिनमें 3,370 महिला प्रभुजनों ने 3,486 पुरुष प्रभुजनों को राखी बांधी। कई बहनें ऐसी भी थीं, जिनके भाई नहीं थे — कुछ के परिवार का पता चल चुका है, लेकिन भाई उन्हें अपनाने को तैयार नहीं। इन बहनों की आंखों में अपने भाई की कमी के आंसू छलक आए।
आश्रम के सभी 14 सदनों और बझेरा आश्रम में भाई-बहनों ने राखी बांधकर और मिठाई खिलाकर खुशियां साझा कीं। महिला प्रभुजनों ने मेंहदी से अपने हाथ सजाए और भाई की लंबी उम्र की कामना की, वहीं भाइयों ने बहनों की रक्षा का संकल्प लिया।
बहनों का कहना था कि भले ही यह खून का रिश्ता नहीं, लेकिन स्नेह और अपनापन असली भाई से कम नहीं। इस मौके पर पूरे आश्रम में रक्षाबंधन की खुशियां और मुस्कानें बिखरी रहीं।












































