लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जयपुर। मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा ने कहा कि अधिवक्ता समाज को न्याय दिलाने का सेतु हैं, जो कानून की कठिन भाषा को सरल बनाकर आमजन तक न्याय पहुँचाते हैं। उन्होंने यह बात दी बार एसोसिएशन जयपुर के नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ ग्रहण समारोह के अवसर पर कही।
अधिवक्ताओं की भूमिका और जिम्मेदारी
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अधिवक्ता संविधान और मौलिक अधिकारों के रक्षक हैं।
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लोकतंत्र के तीन स्तंभ – विधायिका, कार्यपालिका और न्यायपालिका – के संतुलन में अधिवक्ता महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं।
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आमजन को न्याय और कर्तव्यबोध दोनों प्रदान करना अधिवक्ताओं की जिम्मेदारी है।
मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व में सरकार सभी को न्याय उपलब्ध कराने के लिए प्रतिबद्ध है। उन्होंने जोर दिया कि त्वरित न्याय के बिना विकास अधूरा है।
बार एसोसिएशन: बौद्धिक विमर्श और नैतिक अनुशासन का केन्द्र
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दी बार एसोसिएशन जयपुर विधिक परंपरा, अनुशासन और बौद्धिक उत्कृष्टता का केंद्र है।
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यह मंच अधिवक्ताओं को पेशेवर और सामूहिक शक्ति का अवसर प्रदान करता है।
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संस्था विधिक सुधारों की दिशा तय करने में अहम भूमिका निभाती है।
न्यायालय सुधार और डिजिटल पहल
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प्रदेश में 42 नए न्यायालय स्थापित किए गए हैं।
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फलौदी, खैरथल-तिजारा सहित कुल 8 जिला एवं सेशन न्यायालय का सृजन हुआ।
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विशेष (पॉक्सो एक्ट) न्यायालय, एन.आई. एक्ट न्यायालय और सिविल न्यायाधीश न्यायालय का सृजन किया गया।
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लंबित प्रकरणों के शीघ्र निस्तारण हेतु फास्ट ट्रैक तंत्र और विशेष अदालतों को सशक्त किया जा रहा है।
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ई-कोर्ट प्रणाली, डिजिटल फाइलिंग और तकनीकी आधुनिकीकरण को बढ़ावा दिया जा रहा है।
समारोह और उपस्थित गणमान्य लोग
मुख्यमंत्री ने नव निर्वाचित पदाधिकारियों को शपथ दिलाई। समारोह में उपस्थित थे:
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नगरीय विकास एवं स्वायत्त शासन राज्य मंत्री झाबर सिंह खर्रा
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विधायक गोपाल शर्मा
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राजस्थान उच्च न्यायालय के न्यायाधीश अनिल कुमार उपमन एवं मनीष शर्मा
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बार काउंसिल ऑफ राजस्थान के चेयरमेन भुवनेश शर्मा
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दी बार एसोसिएशन जयपुर के नवनिर्वाचित अध्यक्ष सोमेश चन्द शर्मा
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अन्य वरिष्ठ अधिवक्ता एवं पदाधिकारी
मुख्यमंत्री ने अधिवक्ताओं से समाज के अंतिम व्यक्ति तक न्याय पहुँचाने, बौद्धिक विमर्श और नैतिक अनुशासन बनाए रखने की अपील की और सरकार की ओर से अधिवक्ताओं के कल्याण के लिए निरंतर प्रयास जारी रहने का आश्वासन दिया।