लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
ग्रामीणों को पैदल तय करना पड़ता है सफर
टोंक/पीपलू | टोंक जिले की पीपलू तहसील के कई गांव आज भी परिवहन सुविधाओं से वंचित हैं। आज़ादी के इतने वर्षों बाद भी यहां रोडवेज बस सेवा शुरू नहीं हो सकी है, जिससे ग्रामीणों को भारी परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है।
देवरी, कुरेडा, कुरेडी और पांचरोटियां सहित आसपास के गांवों में न तो सरकारी बसें चलती हैं और न ही निजी परिवहन की पर्याप्त व्यवस्था है। ऐसे में लोगों को एक गांव से दूसरे गांव तक जाने के लिए पैदल ही सफर तय करना पड़ता है।
जिला मुख्यालय पहुंचना बना चुनौती
ग्रामीणों का कहना है कि किसी जरूरी काम से जिला मुख्यालय जाना हो तो उन्हें अन्य लोगों से लिफ्ट मांगकर जाना पड़ता है। इससे समय और श्रम दोनों की बर्बादी होती है, साथ ही आपात स्थिति में परेशानी और बढ़ जाती है।
कुरेडा निवासी नरेश मीणा ने बताया कि क्षेत्र में लंबे समय से बस सेवा की मांग की जा रही है, लेकिन अब तक कोई ठोस कार्रवाई नहीं हुई।
प्रस्तावित रूट की मांग
ग्रामीणों ने सुझाव दिया है कि टोंक से देवरी, कुरेडा होते हुए पांचरोटियां, झिराना और डिग्गी-मालपुरा तक बस सेवा शुरू की जाए, जिससे क्षेत्र के लोगों को राहत मिल सके।
ग्रामीणों ने प्रशासन और परिवहन विभाग से जल्द से जल्द बस सेवा शुरू करने की मांग की है, ताकि उन्हें मूलभूत सुविधाओं का लाभ मिल सके।

















































