आयुर्वेद विश्वविद्यालय जोधपुर में “गौ संगोष्ठी” का सफल आयोजन

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लोक टुडे न्यूज नेटवर्क 

“पंचगव्य चिकित्सा – शास्त्र से चिकित्सा तक” विषय पर विशेषज्ञों ने रखे विचार

जोधपुर ।
डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन राजस्थान आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर में “गौ संगोष्ठी” का भव्य आयोजन किया गया। संगोष्ठी का विषय “पंचगव्य चिकित्सा – शास्त्र से चिकित्सा तक” रहा।

कार्यक्रम की अध्यक्षता विश्वविद्यालय के कुलगुरु प्रो. (वैद्य) प्रदीप कुमार प्रजापति ने की। मुख्य अतिथि के रूप में डॉ. हितेश जाणी, कुलगुरु, गौ विश्वविद्यालय (गुजरात) और विशिष्ट अतिथि के रूप में  सुनील मानसिंहका, गौ विज्ञान अनुसंधान केंद्र (नागपुर) से उपस्थित रहे।

पंचगव्य चिकित्सा पर शोध की जरूरत

कुलगुरु प्रो. प्रदीप कुमार प्रजापति ने कहा कि “पंचगव्य चिकित्सा हमारे पारंपरिक चिकित्सा विज्ञान का प्राण तत्व है। अब इसे केवल धार्मिक दृष्टि से नहीं, बल्कि वैज्ञानिक शोध और क्लीनिकल ट्रायल्स के माध्यम से वैश्विक मान्यता दिलानी चाहिए।”

मुख्य अतिथि डॉ. हितेश जाणी ने बताया कि गौ आधारित चिकित्सा पद्धति स्वास्थ्य संवर्धन, पर्यावरण संरक्षण और सतत कृषि में सहायक है। उन्होंने कहा कि राजस्थान और गुजरात के आयुर्वेद विश्वविद्यालय मिलकर इस क्षेत्र में संयुक्त अनुसंधान और नवाचार को बढ़ावा देंगे।

विशिष्ट अतिथि सुनील मानसिंहका ने पंचगव्य के पांच तत्व — दूध, दही, घी, गोमूत्र और गोबर — के औषधीय महत्व पर प्रकाश डाला और कहा कि इनका आधुनिक प्रयोगशालाओं में एंटीबैक्टीरियल, एंटीवायरल और इम्यूनोमॉड्युलेटरी गुण सिद्ध हो चुका है।

एमओयू पर हस्ताक्षर

संगोष्ठी के अंत में आयुर्वेद विश्वविद्यालय, जोधपुर और गौ विश्वविद्यालय, गुजरात के बीच एक एमओयू पर हस्ताक्षर किए गए। यह समझौता दोनों संस्थानों के बीच ज्ञान के आदान-प्रदान और संयुक्त शोध पर केंद्रित रहेगा।

कार्यक्रम के अंत में प्राचार्य प्रो. चंदन सिंह ने सभी अतिथियों का आभार व्यक्त किया। इस अवसर पर डीन प्रो. महेंद्र कुमार शर्मा, सीएचआरडी निदेशक डॉ. राकेश कुमार शर्मा, चिकित्सालय अधीक्षक प्रो. गोविन्द गुप्ता, प्रो. रितु कपूर, प्रो. हरीश सिंघल, तथा अन्य संकाय सदस्य, शोधार्थी और छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे।

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