लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
प्रचंड गर्मी से बांधों का पानी सूखा, पर्यटन स्थल सूने
रिपोर्ट: नितिन मेहरा
राजस्थान। उत्तर भारत के साथ-साथ राजस्थान इन दिनों भीषण गर्मी की चपेट में है। हालात इतने गंभीर हैं कि मौसम विज्ञान केंद्र ने प्रदेश के 50 से अधिक जिलों में ‘सीवियर हीट वेव’ का रेड अलर्ट जारी किया है। तेज धूप और गर्म हवाओं ने जनजीवन को पूरी तरह प्रभावित कर दिया है।
पारा 47 डिग्री के करीब, सड़कों पर सन्नाटा
राज्य के अधिकांश हिस्सों में तापमान 47 डिग्री सेल्सियस के आसपास दर्ज किया जा रहा है। सुबह 10 बजे के बाद ही सूरज की तपिश असहनीय हो जाती है। दोपहर के समय बाजारों, सड़कों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर सन्नाटा पसर जाता है। लोग आवश्यक कार्यों के लिए ही घरों से बाहर निकल रहे हैं और खुद को धूप से बचाने के लिए कपड़ों से ढककर चल रहे हैं।
जलाशयों पर संकट, बांधों का पानी तेजी से घटा
भीषण गर्मी और लंबे समय से बारिश न होने के कारण प्रदेश के छोटे-बड़े बांधों और तालाबों पर गंभीर संकट गहराता जा रहा है। तेज वाष्पीकरण के चलते कई जलाशयों का जलस्तर तेजी से गिर रहा है, जिससे कई स्थानों पर तलहटी (पेटा) दिखाई देने लगी है। ग्रामीण क्षेत्रों में कुएं और बावड़ियां भी सूखने के कगार पर पहुंच गई हैं, जिससे पेयजल संकट की आशंका बढ़ गई है।
पर्यटन उद्योग पर असर
गर्मी के कारण ऐतिहासिक किलों, झीलों और प्रमुख पर्यटन स्थलों पर पर्यटकों की संख्या में भारी गिरावट दर्ज की गई है। विदेशी और घरेलू दोनों तरह के पर्यटक इस मौसम में यात्रा से बच रहे हैं, जिससे स्थानीय पर्यटन व्यवसाय पर नकारात्मक असर पड़ रहा है और रोजगार भी प्रभावित हो रहा है।
स्वास्थ्य विभाग की एडवाइजरी
स्वास्थ्य विभाग ने लोगों से अपील की है कि वे दोपहर 12 बजे से शाम 4 बजे के बीच धूप में निकलने से बचें। साथ ही अधिक मात्रा में तरल पदार्थ जैसे ओआरएस, नींबू पानी और पानी का सेवन करने तथा हल्के सूती कपड़े पहनने की सलाह दी गई है ताकि लू और हीट स्ट्रोक से बचाव किया जा सके।
