लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
कुंवारिया सहित आसपास के गांवों में गूंजे भक्ति गीत, वातावरण हुआ श्रद्धामय
रिपोर्ट : गौतम शर्मा, राजसमंद
राजसमंद। कार्तिक मास के पवित्र स्नान पर्व पर शुक्रवार को क्षेत्रभर में आंवला नवमी का पर्व श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया गया।
कुंवारिया, फियावड़ी खंडेल, जोधपुरा, लालपुर, पिपली अहीरान, मादड़ी, भावा सहित आसपास के गांवों में सैकड़ों महिलाओं ने आंवला वृक्ष की पूजा-अर्चना कर धर्म-ध्यान में लीन होकर आस्था व्यक्त की।
स्नान के बाद किया आंवला माता का पूजन
सुबह महिलाएं कार्तिक स्नान कर नए वस्त्र धारण किए और सजे-धजे पूजा थाल लेकर मंदिर परिसरों एवं बगीचों में पहुंचीं।
उन्होंने गीत-भजन गाते हुए आंवला माता की पूजा की, आंवले के वृक्ष पर कुमकुम, लच्छा, वस्त्र चढ़ाए और परिक्रमा कर दान-पुण्य किया।
पूजन के दौरान गूंजते भक्ति गीतों से वातावरण आध्यात्मिक और भक्तिमय हो गया। कई स्थानों पर महिलाओं के समूहों ने विशेष पूजा-अर्चना भी की।
सुबह के समय बगीचों में महिलाओं की चहल-पहल से पूरा नजारा मनमोहक दिखाई दिया।
फलाहार और विशेष आरती का आयोजन
पूजन उपरांत महिलाओं ने फलाहार ग्रहण किया और समूहों में प्रभु श्री चारभुजा नाथ मंदिर पहुंचीं, जहां विशेष आरती का आयोजन किया गया।
भक्ति और उत्साह से भरे इस आयोजन में धार्मिक उल्लास देखते ही बन रहा था।
समाज की महिलाओं ने दी सहभागिता
इस अवसर पर मंदिर पुजारी नरेश वैष्णव, गोवर्धन दास वैष्णव, कुंवारिया की पूर्व सरपंच राजेश्वरी सेन, यशोदा पोरवाल, वंदना श्रीवास्तव, ख्याली देवी खंडेलवाल, मधु देवी गोयल, नेहा पालीवाल, अनिता देवी, पूनम, बिंदु शर्मा, और गायत्री शर्मा सहित बड़ी संख्या में महिलाएं उपस्थित रहीं।
धार्मिक आस्था का प्रतीक पर्व
आंवला नवमी को हिंदू धर्म में पवित्रता और आरोग्य का प्रतीक पर्व माना जाता है। इस दिन आंवला वृक्ष की पूजा कर महिलाएं परिवार की समृद्धि, सुख-शांति और दीर्घायु की कामना करती हैं।
















































