लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
राष्ट्रीय एकता दिवस, खेलो इंडिया और भगवान बिरसा मुंडा जयंती की तैयारियों को लेकर मुख्य सचिव की समीक्षा बैठक आयोजित
सेमारी (सलूंबर), लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क।
राज्य में 1 से 30 नवंबर तक सड़कों एवं निर्माण कार्यों का क्वालिटी चेक अभियान चलाया जाएगा। इस दौरान विभिन्न विभागों के नोडल अधिकारी निर्माण कार्यों की गुणवत्ता की जांच करेंगे।
मुख्य सचिव सुधांश पंत की अध्यक्षता में आयोजित वर्चुअल बैठक में यह निर्णय लिया गया। बैठक में राष्ट्रीय एकता दिवस, खेलो इंडिया और भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती के आयोजन की तैयारियों की समीक्षा की गई।
सलूंबर से जिला कलेक्टर अवधेश मीना, अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी वीसी कक्ष से जुड़े।
मुख्य सचिव ने निर्देश दिए कि
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एकता दिवस पर सरदार वल्लभभाई पटेल की स्मृति में मैराथन और प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएं।
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खेलो इंडिया कार्यक्रम के तहत स्कूलों और कॉलेजों में खेल प्रतियोगिताएं करवाई जाएं।
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भगवान बिरसा मुंडा की 150वीं जयंती राज्य के सभी जिलों में गरिमामय, प्रेरणादायी और जनभागीदारी पूर्ण तरीके से मनाई जाए।
उन्होंने कहा कि बिरसा मुंडा ने आदिवासी समाज के अधिकारों और स्वाभिमान के लिए जो योगदान दिया है, उसे नई पीढ़ी तक पहुंचाना हमारा दायित्व है।
इस दौरान सांस्कृतिक कार्यक्रम, चित्र प्रदर्शनी, वृक्षारोपण, गोष्ठियाँ, रैलियाँ और निबंध-भाषण प्रतियोगिताएं आयोजित की जाएंगी।
मुख्य सचिव ने यह भी कहा कि 1 से 15 नवंबर तक जनजाति गौरव दिवस के अंतर्गत विविध गतिविधियाँ आयोजित की जाएँगी।
जनजातीय क्षेत्रीय विकास विभाग को इस आयोजन का नोडल विभाग नियुक्त किया गया है और राज्य स्तरीय कार्यक्रम सलूंबर में निर्धारित किया गया है।
बैठक में सभी जिलों के कलेक्टरों ने अपने-अपने जिलों में होने वाले कार्यक्रमों की जानकारी दी और कहा कि स्थानीय जनप्रतिनिधियों, सामाजिक संस्थाओं और युवाओं की भागीदारी से आयोजनों को सफल बनाया जाएगा।
बैठक के अंत में मुख्य सचिव ने कहा कि —
“यह आयोजन केवल एक जयंती नहीं बल्कि सामाजिक समरसता और प्रेरणा का पर्व है, जिसे पूरे सम्मान और उत्साह के साथ मनाया जाना चाहिए।”
इस दौरान जिला कलेक्टर अवधेश मीना ने राज्य स्तरीय कार्यक्रम की तैयारियों के निर्देश दिए, वहीं अतिरिक्त जिला कलेक्टर डॉ. दिनेश राय सापेला ने बताया कि अगली समीक्षा बैठक शीघ्र आयोजित की जाएगी और कॉलेज प्रशासन को निर्देश दिए गए हैं कि युवाओं की अधिकतम भागीदारी सुनिश्चित करें।



















































