लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
भरतपुर। निजी अपस्ताल में मजदूर की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत का मामला सामने आया है। जहां सूचना मिलते ही मृतक के परिजन बड़ी संख्या में अस्पताल पहुंचे जहां उन्होंने अस्पताल प्रबंधक से बातचीत की तो कोई संतुष्ट जनक जवाब नहीं मिला। मृतक के परिजनों का रो रो कर बुरा हाल है। मृतक 8 बहनों के बीच इकलौता भाई था। मृतक के भी तीन छोटे छोटे बच्चे है। मां बाप बुजुर्ग है मृतक ही पूरे परिवार का पालन पोषण करता था। कोतवाली थाना पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। हालांकि अस्पताल प्रबंधक का कहना मजदूर की करंट लगने से मौत हुई है।
जानकारी के मुताबिक जघीना गेट निवासी 44 वर्षीय रोशन सिंह पुत्र रामस्वरूप मजदूरी का काम करता था.पिछले तीन चार माह से अस्पताल में मजदूरी करने आ रहा था। सुबह साढ़ आठ बजे अस्पताल की ओर से फोन गया कि रोशन की तबीयत खराब है आईसीयू में भर्ती है उपचार जारी है। उसके बाद परिजन अस्पताल पहुंचे जहां रोशन से नहीं मिलने दिया गया थोड़ी देर में बताया गया कि उसकी मौत हो गई है। लेकिन अस्पताल प्रबंधक की ओर से परिजनों को मौत का कारण नहीं बताया गया तो इससे परिजन नाराज हो गए। सूचना मिलते ही और लोग भी अस्पताल पहुंचकर भीड़ को देख कोतवाली थाना पुलिस मौके पर पहुंची। जहां परिजनों द्वारा कोतवाली थाना पुलिस पर दबाव बनाने का आरोप लगाया है। अभी अस्पताल की ओर से शव को नहीं दिया गया है। परिजन और अस्पताल प्रबंधक के बीज वार्ता चल रही है।
मृतक व्यक्ति की 8 बहने है जबकि शादी हो चुकी है। यह 8 बहनों के बीच इकलौता भाई था। मृतक के तीन बच्चे है। जिनमें बड़ी बेटी छवि 10 वीं क्लास,भावेश 9वीं क्लास, देवेश 6 वी क्लास में पढ़ाई करते है। मृतक के बुजुर्ग मां बाप है। जो मजदूरी करते है.मृतक पर ही पूरे परिवार की जिम्मेदारी थी। बेटे की मौत की खबर सुनकर बुजुर्ग मां बाप,पत्नी,बच्चे और बहनों का रो रो कर बुरा हाल है।
मामले को लेकर के निजी अस्पताल के प्रबंधक डॉक्टर लोकेश जिंदल से जब बातचीत हुई तो उन्होंने कहा कि करंट लगने से मजदूर की मौत हुई है मजदूर के परिजनों से वार्ता चल रही है..