लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
स्थानीय संवाददाता-ओमप्रकाश चौधरी।
अजमेर, पीसांगन। पुलिस ने थाना क्षेत्र निवासी 16 वर्षीय नाबालिग दलित किशोरी के अपहरण के मामले में जांच पड़ताल उपरांत पुष्कर निवासी कैलाश बागरिया व कानस निवासी सोनू उर्फ युवराजसिंह रावत को अपहरण,एसी एसटी एक्ट व पॉस्को एक्ट में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश। जहां से न्यायालय ने आरोपितो को जेल भेजने के आदेश दिए। थानाधिकारी प्रहलाद सहाय के मुताबिक थाना क्षेत्र निवासी 16 वर्षीय दलित नाबालिग किशोरी के गुम होने की रिपोर्ट पीड़ित परिजनों ने गत 18 जून को दर्ज कराई थी। थानाधिकारी प्रहलाद सहाय ने बताया कि मामला दर्ज कर अनुसंधान शुरू करते हुए बालिका की तलाश आरंभ की गई।
कड़ी से कड़ी जोड़ते हुए अथक प्रयास कर गुमशुदा नाबालिग बालिका को दस्तयाब किया जाकर बालिका के कथन लेखबंद्ध करवाये जाकर बाल कल्याण समिति अजमेर के समक्ष पेश की जाकर परिजनो को सुपुर्द की गयी। अनुसंधान से मामला गुमशुदा नाबालिग बालिका के अपहरण, एससी/एसटी का पाया जाने पर जिला पुलिस अधीक्षक अजमेर वंदिता राणा के द्वारा अग्रीम अनुसंधान वृत्ताधिकारी,वृत अजमेर ग्रामीण रामचंद्र चौधरी के जिम्मे किया गया। जिन्होंने पीसांगन थानाधिकारी प्रहलाद सहाय के अलावा एएसआई रामेश्वरलाल विश्नोई,सुरेंद्र कुमार,हैड कांस्टेबल गणेशराम सामरिया,कांस्टेबल प्रकाश जाखड़,शाहरुख खान,भोमाराम जाट व प्रीति वैष्णव की टीम गठित की गई। पुलिस टीम ने पुष्कर के रावतों की ढाणी,बड़ी बस्ती निवासी 22 वर्षीय रमेश बागरिया व पुष्कर थाना क्षेत्र के कानस गांव निवासी 20 वर्षीय सोनू उर्फ युवराजसिंह रावत को नाबालिग दलित बालिका के अपहरण,एसी एसटी एक्ट व पॉस्को एक्ट में गिरफ्तार कर न्यायालय में पेश किया गया। जहां से न्यायालय ने दोनों आरोपितों को जेल भेजने के आदेश दिए।













































