अब लेना होगा वीडियो कंटेंट प्लेइंग लाइसेंस: होटल इंडस्ट्री की परेशानी बढ़ेगी
हेमराज तिवारी
नई दिल्ली। — अगर आप होटल, रेस्टोरेंट, मॉल या क्लब चला रहे हैं और वहाँ किसी भी तरह का वीडियो कंटेंट (फिल्म, वेब सीरीज़, या OTT शो) चला रहे हैं — चाहे वह गेस्ट रूम, लॉबी, बैंक्वेट हॉल या लाउंज में हो — तो अब सिर्फ म्यूज़िक लाइसेंस से काम नहीं चलेगा।
भारत के कॉपीराइट एक्ट, 1957 के तहत अब वीडियो कंटेंट दिखाने के लिए अलग से लाइसेंस लेना अनिवार्य हो गया है। इस क्षेत्र में सबसे अहम नाम है —
Cinefil Producers Performance Limited (Cinefil)
Cinefil लाइसेंस क्यों सबसे ज़रूरी है?
पूरा कवरेज – सिर्फ म्यूज़िक नहीं
जहाँ IPRS और RMPL जैसे संगठन केवल गानों और म्यूज़िक ट्रैक के अधिकार कवर करते हैं, वहीं Cinefil लाइसेंस देता है पूरी फिल्म के वीडियो कंटेंट का अधिकार —
जिसमें डायलॉग, विजुअल्स, बैकग्राउंड स्कोर और पूरी मूवी शामिल हैं।
डायरेक्ट प्रोड्यूसर्स से टाई-अप Cinefil के पास देश की बड़ी फिल्म प्रोडक्शन कंपनियों से सीधा कॉपीराइट लाइसेंस है।
इससे आपकी स्क्रीनिंग कानूनी रूप से पूरी तरह सुरक्षित रहती है।
