लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
अब्दुल माहिर की रिपोर्ट
सवाईमाधोपुर, मलारना डूंगर – मलारना डूंगर थाना क्षेत्र के गम्भीरा गांव में 28 नवंबर को गुम हुए 15 वर्षीय महेश बैरवा का शव बुधवार सुबह गांव के पास एक कुएं में तैरते हुए मिला। सूचना मिलने पर पुलिस मौके पर पहुंची और ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकालकर पोस्टमार्टम के लिए कब्जे में लिया।
शव की पहचान महेश (15), पुत्र राकेश बैरवा निवासी गम्भीर के रूप में हुई। पुलिस ने शव को पहले मलारना डूंगर CHC पहुंचाया, लेकिन मेडिकल ज्यूरिस्ट की गैरमौजूदगी के कारण शव को जिला मुख्यालय स्थित सामान्य चिकित्सालय ले जाया गया। परिजनों की मौजूदगी में तीन सदस्यीय मेडिकल बोर्ड ने पोस्टमार्टम किया।
घटना की जानकारी
थाना पुलिस के अनुसार, मृतक के पिता राकेश (37) ने 2 नवम्बर को तहरीर दी थी कि उनका 15 वर्षीय पुत्र महेश 28 नवंबर की सुबह 8:30 बजे राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में परीक्षा देने गया था, लेकिन घर वापस नहीं लौटा। साथ ही महेश के पास मोबाइल फोन भी था।
पुलिस ने महेश की तलाश शुरू की। बुधवार सुबह सूचना मिली कि निगोह नदी किनारे एक कुएं में मानव शव तैर रहा है। SHO राजेश कुमार मीना मय जाप्ता मौके पर पहुंचे और ग्रामीणों की मदद से शव को बाहर निकाला। परिजनों ने शव की शिनाख्त महेश के रूप में की।
पोस्टमार्टम और परिजनों की प्रतिक्रिया
थानाधिकारी राजेश कुमार मीना ने बताया कि पोस्टमार्टम के लिए शव को पहले मलारना डूंगर लाया गया, लेकिन परिजनों ने मौत पर संदेह व्यक्त किया और मेडिकल ज्यूरिस्ट की निगरानी में तीन सदस्यीय बोर्ड से पोस्टमार्टम कराने की मांग की।
मृतक के पिता राकेश बैरवा ने कहा, “मैं जयपुर में मजदूरी करता हूं। महेश दादी के साथ गांव में रहता था। जब वह घर नहीं लौटा, तो मैंने 2 नवम्बर को थाने में गुमशुदगी दर्ज कराई। मुझे शक है कि मेरे पुत्र की हत्या साजिश के तहत की गई है। पुलिस इस मामले की निष्पक्ष जांच करे।”
पुलिस ने मामले को संदिग्ध मौत मानते हुए जांच शुरू कर दी है। महेश के मोबाइल की तलाश भी अभी जारी है।








































