लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
रोलहेड़ा गांव में घर से निकला सांप, रील बनाते हुए देव स्थान ले जाते समय हालत बिगड़ी
सत्यनारायण सेन, चित्तौड़गढ़
चित्तौड़गढ़। जिले के रोलहेड़ा गांव में देव आगमन की प्रथा के दौरान घर में निकले कॉमन करैत सांप से नाबालिग मोहित जाट (11वीं कक्षा) की मौत हो गई। मोहित सांप को हाथ में पकड़कर देवता के थान ले जा रहा था और रास्ते में रील बना रहे थे।
सांप ने मोहित के हाथ में कई जगह डस लिया। इसके बावजूद परिवार और ग्रामीण उसे अस्पताल ले जाने के बजाय भोपों से पूजा कराते हुए अन्य मंदिरों में ले जाते रहे। हालत बिगड़ने पर उसे उदयपुर ले जाया गया, जहां शनिवार देर रात मोहित ने दम तोड़ दिया।
घटना का वीडियो भी सामने आया है, जिसमें हाथ में सांप के काटने के निशान और खून साफ दिखाई दे रहा है।
देव आगमन प्रथा और सोशल मीडिया का प्रभाव
सोशल मीडिया के दौर में बड़ोदिया, रोलहेड़ा, चोगावड़ी और तालेड़ी जैसे क्षेत्रों में सांप को देवता मानकर हाथ में पकड़कर जुलूस के रूप में देव स्थान तक ले जाने की प्रथा बढ़ रही है। युवा सांपों की प्रजाति जाने बिना यह कार्य करते हैं और वीडियो-फोटो सोशल मीडिया पर डालकर ट्रेंड बनाने की कोशिश करते हैं।
स्थानीय लोग इस प्रथा को मनोरंजन और वायरल वीडियो के रूप में देख रहे हैं, जिससे सुरक्षा और जीवन के प्रति गंभीरता कम हो रही है।


















































