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स्पेन से मंगाए गए स्पाई कैमरे से पेपर लीक, चयन के बाद वसूली गई लाखों की रकम
लोक टुडे न्यूज नेटवर्क | जयपुर
(आर.एन. सांवरिया)
जयपुर। राजस्थान पुलिस की स्पेशल ऑपरेशन्स ग्रुप (SOG) ने हाईकोर्ट द्वारा वर्ष 2022 में आयोजित कनिष्ठ न्यायिक सहायक, लिपिक ग्रेड-II एवं सहायक लिपिक ग्रेड-II की संयुक्त प्रतियोगी परीक्षा में हाई-टेक नकल का बड़ा खुलासा किया है। SOG ने अनुचित साधनों का प्रयोग कर चयनित हुए 4 कनिष्ठ लिपिकों को गिरफ्तार किया है। यह परीक्षा 12 और 19 मार्च 2023 को आयोजित हुई थी।
ईओ-आरओ परीक्षा से खुली परतें
एडीजी, SOG विशाल बंसल ने बताया कि यह पूरा नेटवर्क तब सामने आया जब SOG ने इसी अवधि में हुई EO-RO परीक्षा में नकल की जांच शुरू की। तकनीकी विश्लेषण में पता चला कि इस परीक्षा का पेपर स्पेन से मंगाए गए स्पाई कैमरे से लीक किया गया था।
जांच में यह भी सामने आया कि मुख्य सरगना पौरव कालेर और उसका सहयोगी तुलसाराम कालेर लाखों रुपये लेकर अभ्यर्थियों को ब्लूटूथ डिवाइस के जरिए उत्तर उपलब्ध करवाते थे। पौरव कालेर को पहले ही गिरफ्तार किया जा चुका है।
हाईकोर्ट परीक्षा में भी सक्रिय था गिरोह
DIG SOG परिस देशमुख के नेतृत्व में गठित विशेष टीम ने जब सभी परीक्षाओं का विश्लेषण किया तो यह तथ्य सामने आया कि हाईकोर्ट लिपिक परीक्षा में भी इसी गिरोह द्वारा नकल करवाई गई थी। इसके आधार पर SOG थाना, जयपुर में मुकदमा दर्ज किया गया।
चार चयनित लिपिक गिरफ्तार
ASP प्रकाश कुमार शर्मा की टीम ने जिन चार अभ्यर्थियों को पकड़ा, उनके नाम और तैनाती इस प्रकार है:
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दिनेश कुमार (चूरू) – न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश, सलूम्बर
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मनोज कुमार बोरान (सीकर) – राजस्थान राज्य न्यायिक अकादमी, जोधपुर
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रमेश कुमार (चूरू) – न्यायालय अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश क्र. 02, राजगढ़, चूरू
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मनीष बुडिया – न्यायालय वरिष्ठ सिविल न्यायाधीश एवं एसीजेएम, मारवाड़ जंक्शन, पाली
गिरफ्तारी के समय सभी चारों अभियुक्त कनिष्ठ लिपिक के पद पर कार्यरत थे।
कैसे की जाती थी यह हाई-टेक नकल?
1. लाखों में तय होती थी डील
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दिनेश: ₹3 लाख
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मनोज: ₹4 लाख
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रमेश: ₹5 लाख
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मनीष: ₹3 लाख
2. स्पेन से मंगाया गया था ₹90,000 का स्पाई कैमरा
सरगना ने Innova Chem Drop Box स्पाई कैमरा स्पेन से मंगवाया था।
3. परीक्षा में सॉल्वर बैठे होते थे
गिरोह के दो सदस्य परीक्षा में अभ्यर्थी बनकर बैठते थे।
पेपर मिलते ही स्पाई कैमरे से उसकी स्क्रीनशॉट लेकर तुरंत पौरव कालेर को भेज दी जाती थी।
4. सॉल्वर टीम तत्काल हल करती थी
पौरव कालेर अपनी एक्सपर्ट सॉल्वर टीम के साथ तैयार बैठा होता था।
प्रश्नपत्र हल करके वह विशेष ब्लूटूथ डिवाइस के माध्यम से अभ्यर्थियों को उत्तर पढ़कर सुनाता था।
पुष्टि हुई है कि
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12 मार्च 2023: जितेंद्र उर्फ अक्षय जाट
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19 मार्च 2023: राजेश कुमार बिजारणियां
ने प्रश्नपत्र की तस्वीरें भेजी थीं।
5. चयन के बाद वसूली जाती थी रकम
नौकरी लगते ही अभ्यर्थियों से लाखों की तय राशि वसूली गई।
अब तक 21 गिरफ्तार, जांच जारी
इस मामले में अब तक पौरव कालेर सहित कुल 21 आरोपियों को गिरफ्तार किया जा चुका है।
गिरफ्तार चारों लिपिकों को न्यायालय ने 10 दिसंबर 2025 तक पुलिस रिमांड पर भेजा है।
SOG अन्य संलिप्त व्यक्तियों, वित्तीय लेन-देन और नेटवर्क के विस्तार की जांच कर रही है।













































