लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
पादूकलां। अजमेर–बीकानेर राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 58 इन दिनों अपनी सबसे खराब स्थिति से गुजर रहा है। हाईवे पर बड़े-बड़े गड्ढों की भरमार से रोजाना हजारों वाहन चालकों की जान खतरे में है। इतने गहरे गड्ढे बने हैं कि उन्हें दूर से ही ‘मौत का कुआँ’ कहा जा रहा है।
स्थानीय लोगों का कहना है कि इन गड्ढों के कारण अब तक कई हादसे हो चुके हैं, जिनमें कुछ परिवारों ने अपने परिजन खो दिए। इसके बावजूद जिम्मेदार विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा है, जिससे ग्रामीण और राहगीर लापरवाही पर आक्रोशित हैं।
ग्रामीणों ने सवाल उठाया है कि जब सड़क की हालत इतनी खराब है, तब टोल वसूली क्यों ली जा रही है। हाईवे बनने के बाद रखरखाव पर कोई ध्यान नहीं दिया जा रहा, जबकि टोल वसूली 24 घंटे चालू रहती है। लोगों का कहना है कि टोल देने का लाभ शायद केवल इतना है कि वाहन चालक गड्ढों की गिनती कर सकें।
मीडिया टीम ने मौके पर जाकर निरीक्षण किया तो कई गहरे और बड़े गड्ढों की कतार सामने आई, जिससे हाईवे पर हालात और भी चिंताजनक नजर आए। यह स्थिति उच्च गति वाले वाहनों के लिए गंभीर खतरा बन चुकी है।











































