लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
आबकारी-पुलिस की कथित मिलीभगत से बिगड़ा सिस्टम
रिपोर्ट: मनजीत सिंह, ब्यूरो चीफ – श्रीगंगानगर
श्रीगंगानगर। जिले में आबकारी नीति और इसके क्रियान्वयन पर गंभीर सवाल उठ रहे हैं। श्रीकरणपुर क्षेत्र में शराब ठेकेदारों के बीच वैध और अवैध दुकानों के क्षेत्राधिकार को लेकर तेज़ टकराव पैदा हो गया है। हालात ऐसे बन गए हैं कि किसी भी समय विवाद हिंसक रूप ले सकता है, जिससे कानून-व्यवस्था बिगड़ने की आशंका जताई जा रही है।
आबकारी नीति के दुरुपयोग के आरोप
स्थानीय ठेकेदारों का आरोप है कि आबकारी विभाग और पुलिस प्रशासन की कथित मिलीभगत ने पूरे सिस्टम को अस्त-व्यस्त कर दिया है।
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ठेकेदारों का कहना है कि अधिकारियों ने निर्धारित दुकानों के अतिरिक्त अवैध ब्रांचों की अनुमति जैसी व्यवस्था बनाकर क्षेत्र का संतुलन बिगाड़ दिया।
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वैध दुकानों की आड़ में कई अवैध बिक्री केंद्र संचालित होने के दावे भी सामने आ रहे हैं।
इन हालातों ने ठेकेदारों को “एक तरफ कुआं, दूसरी तरफ खाई” जैसी स्थिति में धकेल दिया है।
शराब के दामों में मनमानी, ग्राहकों की जेब पर भार
स्थानीय सूत्रों का कहना है कि कई दुकानों पर निर्धारित मूल्य से अधिक दरों पर शराब बेची जा रही है, जिससे उपभोक्ताओं की जेब पर सीधा असर पड़ रहा है।
इसके साथ ही, राज्य सरकार द्वारा तय समय—रात 8 बजे—के बाद भी कई स्थानों पर देर रात 11 बजे तक बिक्री और शराब परोसने का आरोप है।
अधिकारियों की अनदेखी पर भी सवाल
क्षेत्र में बढ़ते विवाद और अवैध गतिविधियों के बावजूद आबकारी और पुलिस विभाग की निष्क्रियता पर स्थानीय लोग भी नाराज़गी जता रहे हैं। आरोप है कि:
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विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों के बीच वर्षों से चली आ रही “मिलीभगत” की परंपरा ने स्थिति को और खराब कर दिया है।
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हाल ही में आबकारी आयुक्त शिवप्रसाद नकाते द्वारा जारी निर्देशों की भी कई दुकानों में खुलेआम अवहेलना हो रही है।
पूरे प्रदेश में फैला असर, श्रीकरणपुर बना हॉटस्पॉट
सूत्रों के मुताबिक, मुद्दा केवल श्रीकरणपुर तक सीमित नहीं है बल्कि राज्य के अन्य जिलों में भी ऐसी शिकायतें सामने आ रही हैं। हालांकि श्रीकरणपुर में स्थिति अधिक विस्फोटक दिखाई दे रही है, जहाँ किसी भी समय ठेकेदारों के बीच विवाद बढ़ सकता है।


















































