लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
जोधपुर, राजस्थान। रिपोर्टर: बृजकिशोर पारीक
राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन, जोधपुर की बैठक अध्यक्ष रतनाराम ठोलिया की अध्यक्षता में आयोजित की गई। बैठक में पंजीयन विभाग द्वारा हाल ही में जारी किए गए संशोधित आदेशों पर विस्तृत चर्चा की गई।
अध्यक्ष रतनाराम ठोलिया ने बताया कि पंजीयन विभाग द्वारा भूखंड आदि के रजिस्ट्रेशन में पावर ऑफ अटॉर्नी को अनिवार्य किए जाने तथा गैर रूपांतरित भूमि के पंजीयन को बंद करने से आमजन, अधिवक्ताओं एवं पंजीयन प्रक्रिया पर गंभीर असर पड़ा है। यह संशोधन बिना किसी पूर्व सूचना एवं संक्रमण काल के लागू किए जाने से पंजीयन कार्य कठोर रूप से प्रभावित हुआ है।
उन्होंने कहा कि इन बदलावों के विरोध में अधिवक्ता समुदाय ने कार्य बहिष्कार व हड़ताल का निर्णय लिया है, जिससे राजस्व संग्रह पर भी विपरीत प्रभाव पड़ रहा है। एसोसिएशन ने जिला कलेक्टर, महानिरीक्षक एवं उप महानिरीक्षक पंजीयन विभाग को प्रतिवेदन भेजकर मांग की है कि इन संशोधनों को तत्काल लागू करने के बजाय कम से कम छह माह का समय दिया जाए, ताकि जनता व अधिवक्ता नए नियमों के अनुरूप तैयारी कर सकें। 
प्रतिवेदन प्रस्तुत करने के दौरान अध्यक्ष रतनाराम ठोलिया, उपाध्यक्ष धीरेन्द्र दाधीच, महासचिव शिवलाल बरवड़, सहसचिव विजेन्द्र पुरी, पुस्तकालय सचिव कांता राजपुरोहित, कोषाध्यक्ष विमल कुमार माहेश्वरी, सुरेन्द्र सिंह गागुडा, करणसिंह राजपुरोहित, ओम चाहर, मोहन जाखड़ सहित बड़ी संख्या में अधिवक्ता उपस्थित रहे।










































