लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
मत चोरी के आरोप लगाने वालों के लिए परिणाम ‘झन्नाटेदार तमाचा’
जयपुर। (रूपनारायण सांवरिया)
भारतीय जनता पार्टी के राष्ट्रीय महामंत्री एवं राजस्थान प्रभारी डॉ. राधा मोहनदास अग्रवाल ने मंगलवार को प्रदेश कार्यालय में मीडिया से बातचीत के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत के आरोपों का कड़ा जवाब दिया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस गलत बयानों और भ्रम फैलाकर राजनीतिक लाभ लेना चाहती है, जबकि अंता उपचुनाव का परिणाम भाजपा की निष्पक्षता और लोकतांत्रिक आस्था का स्पष्ट प्रमाण है।
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि अंता उपचुनाव ने यह सिद्ध कर दिया है कि भाजपा शासन में चुनाव पूरी ईमानदारी और पारदर्शिता के साथ होते हैं। उन्होंने कहा कि प्रदेश और केंद्र—दोनों जगह भाजपा की सरकार होने के बावजूद चुनाव में प्रशासनिक हस्तक्षेप नहीं किया गया।
उन्होंने बताया कि 81% मतदान इस बात का संकेत है कि जनता ने स्वतंत्र और निर्भीक होकर मतदान किया।
“मत चोरी के आरोप लगाने वालों के लिए परिणाम तमाचा”
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि जो लोग भाजपा पर मत चोरी के आरोप लगा रहे थे, अंता का परिणाम उनके लिए झन्नाटेदार तमाचा है।
उन्होंने उदाहरण देते हुए कहा कि जम्मू-कश्मीर में भी भाजपा कई सीटों पर हार गई, फिर भी वहां 70% मतदान हुआ—यह भाजपा की लोकतांत्रिक निष्ठा को सिद्ध करता है।
“गहलोत टाइम से बाहर, भाजपा का विज़न जनता तक”
डॉ. अग्रवाल ने पूर्व मुख्यमंत्री गहलोत पर निशाना साधते हुए कहा कि अब वे “टाइम से बाहर” हो चुके हैं।
उन्होंने कहा कि यदि भाजपा केवल जुमलेबाजी करती, तो बिहार, महाराष्ट्र, हरियाणा और दिल्ली जैसे चुनाव नहीं जीत पाती।
उन्होंने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी का संवाद जनता के दिल तक पहुंचता है और यही भाजपा की जीत का आधार है।
कांग्रेस पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि 65 साल तक कांग्रेस सिर्फ ‘गरीबी हटाओ’ के नारे देती रही, लेकिन भाजपा ने 11 वर्षों में गरीब तबके का जीवन वास्तव में बदला है।
चुनाव आयोग पर कांग्रेस के आरोप निराधार: अग्रवाल
चुनाव आयोग को हाईजैक करने के आरोपों पर प्रतिक्रिया देते हुए डॉ. अग्रवाल ने कहा कि कांग्रेस ने अपने शासनकाल में आयोग पर दबाव बनाया, इसलिए उसे आज भी वही लगता है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि चुनाव आयोग के पास अपनी कोई फोर्स नहीं होती—
बीएलओ, एसडीएम, जिला चुनाव अधिकारी—सभी राज्य सरकार के अधिकारी होते हैं।
उन्होंने पूछा कि अगर मतदाता सूची में त्रुटियां हैं, तो उसकी जिम्मेदारी कौन लेगा—राज्य सरकार के अधिकारी या केंद्रीय आयोग?
डॉ. अग्रवाल ने कहा कि एसआईआर प्रक्रिया पूरी तरह पारदर्शी है और इसमें केंद्रीय आयोग का सीधा हस्तक्षेप नहीं होता।
“गहलोत बिहार जाकर अपने 6 विधायक बचा लें”
बिहार की राजनीति पर टिप्पणी करते हुए उन्होंने कहा—
“कांग्रेस के सिर्फ छह विधायक किसी तरह जीत पाए हैं, और सुनने में आ रहा है कि वे भी जेडीयू में जा सकते हैं। गहलोत जी को सलाह है कि राजस्थान की चिंता छोड़ें और बिहार जाकर अपने विधायकों को बचाएं।”
डॉ. अग्रवाल की इस मीडिया बाइट ने प्रदेश की राजनीति में तीखी बहस छेड़ दी है।













































