लोक टुडे न्यूज़ नेटवर्क
ग्रामीण 1100 टीडीएस फ्लोराइड युक्त पानी पीने को मजबूर, चंबल परियोजना का लाभ नहीं
भीलवाड़ा (सत्यनारायण सेन, गुरलां) — भीलवाड़ा जिले की ग्राम पंचायत गुरलां में जल जीवन मिशन के तहत लाखों रुपये की लागत से बनाई गई पानी की टंकी आज तक उपयोग में नहीं आ सकी है। टंकी बनने के बावजूद ग्रामीणों को एक बूंद शुद्ध पानी तक नसीब नहीं हुआ है।
गांव के लोग आज भी 1100 से अधिक टीडीएस वाले फ्लोराइड युक्त पानी के कुएं से पानी पीने को मजबूर हैं। ग्रामीणों ने बताया कि टंकी निर्माण के बाद से अब तक नलों में पानी नहीं आया है। कई घरों में पाइपलाइन ही नहीं बिछाई गई, जबकि पहाड़ी क्षेत्र में स्थित घरों में लोग महीनों से पानी आने का इंतजार कर रहे हैं।
बोरवेल में पानी नहीं, टंकी बेकार पड़ी
ग्रामीणों ने बताया कि पीएचईडी विभाग ने दो माह पहले टंकी निर्माण पूरा कर लिया था, लेकिन बोरवेल से पानी नहीं मिलने के कारण टंकी खाली पड़ी है। अब विभाग तालाब के पास स्थित पेयजल कुएं से पाइपलाइन जोड़ने की योजना बना रहा है, लेकिन उस पर भी कोई ठोस कार्रवाई नहीं हो रही।
ग्रामीणों का कहना है कि टंकी से कुछ दूरी पर एक मीठे पानी का कुआं मौजूद है, जिससे पाइपलाइन जोड़कर टंकी भरकर पूरे गांव को शुद्ध पानी उपलब्ध कराया जा सकता है।
चंबल परियोजना का लाभ नहीं पहुंचा गुरलां को
गुरलां गांव राज्य की करोड़ों रुपये की चंबल पेयजल परियोजना के दायरे में आते हुए भी आज तक इसका लाभ नहीं ले पाया है। गांव के बस स्टैंड पर स्थित फ्लोराइड युक्त कुएं से पानी की सप्लाई की जा रही है, जिससे लोगों में फ्लोराइड से संबंधित बीमारियां फैल रही हैं।
ग्रामीणों की मांग
गुरलां के ग्रामीणों ने प्रशासन से मांग की है कि निर्माणाधीन टंकी को सरकारी पेयजल स्रोत या चंबल परियोजना से जोड़ा जाए, ताकि गांव में शुद्ध पेयजल आपूर्ति सुनिश्चित हो सके।











































