लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
नशा केवल स्वास्थ्य ही नहीं, सामाजिक ताने-बाने को भी करता है छिन्न-भिन्न
विजय कपूर, बीकानेर।
बीकानेर में ह्यूमन राइट्स इंटरनेशनल फेडरेशन द्वारा नशा मुक्त शहर अभियान का शुभारंभ किया गया। अभियान का उद्देश्य युवाओं और समाज को नशे के दुष्प्रभावों से अवगत कराना और उन्हें सुरक्षित जीवन की ओर प्रेरित करना है।
फेडरेशन की नेशनल चीफ एडमिनिस्ट्रेटर डॉ. अर्पिता गुप्ता ने कहा कि नशा युवाओं, परिवार और समाज की जड़ों को खोखला करता है।
“नशे की जद में आकर कई परिवार उजड़ जाते हैं। नशे की रोकथाम के लिए सामूहिक प्रयासों की आवश्यकता है। माता-पिता और नागरिकों की जिम्मेदारी है कि वे बच्चों के जीवन में बदलावों को समझें और उनका ध्यान रखें।”
अभियान के तहत जागरूकता प्रयास
अभियान से जुड़ी स्नेहा शर्मा ने बताया कि अगले एक माह तक विद्यालयों, महाविद्यालयों, संस्थानों और बस्तियों में जाकर युवाओं को जागरूक किया जाएगा।
ज्योति खत्री ने कहा कि साथ ही युवाओं को नशा मुक्ति के तरीकों की जानकारी भी दी जाएगी।
सांस्कृतिक सहभागिता और संदेश
कार्यक्रम में बच्चों ने पोस्टर्स के माध्यम से नशा मुक्ति का संदेश दिया।
सोहेल भाटी ने उपस्थितजनों को नशा ना करने और रोकने की शपथ दिलाई।
इस अवसर पर वासुदेव, शगुन, सिमरन भाटी, विजय कपूर, हर्षवर्धन, लाभेश जैन, रविंद्र, हेमंत सहित अन्य नागरिक भी उपस्थित रहे।
⚠️ मुख्य संदेश
डॉ. अर्पिता गुप्ता ने कहा कि नशा केवल स्वास्थ्य को नहीं, बल्कि समाज के ताने-बाने को भी प्रभावित करता है।
अभियान का लक्ष्य युवाओं और उनके परिवारों को यह समझाना है कि नशे से दूरी ही सुरक्षित और सशक्त जीवन की कुंजी है।











































