दीपावली के पंचदिवसीय पर्व पर आज घर-घर हुई गोवर्धन पूजा

0
44
- Advertisement -

लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क

मुनेश धाकरे

​सैंपऊ। दीपावली के पंचदिवसीय महापर्व के अंतर्गत, कार्तिक मास के शुक्ल पक्ष की प्रतिपदा तिथि को मनाया जाने वाला गोवर्धन पूजा का पर्व इस वर्ष 22 अक्टूबर, बुधवार को धूमधाम से मनाया गया। यह पर्व प्रतिवर्ष दिवाली के अगले दिन आता है, परंतु इस बार अमावस्या तिथि दो दिन होने के कारण गोवर्धन पूजन बुधवार के दिन संपन्न हुआ।
यह पर्व प्रकृति के प्रति आभार व्यक्त करने का प्रतीक है, जिसका आरंभ भगवान श्रीकृष्ण ने किया था। पौराणिक कथा के अनुसार, भगवान श्रीकृष्ण ने अपनी कनिष्ठा उंगली पर गोवर्धन पर्वत को उठाकर ब्रजवासियों को देवराज इंद्र के प्रकोप से बचाया था और उनके अहंकार को दूर किया था। इसी उपलक्ष्य में यह पूजा की जाती है, जिसे ‘अन्नकूट उत्सव’ के नाम से भी जाना जाता है।
गोवर्धन पूजा के दिन, घरों और मंदिरों में गाय के गोबर से गोवर्धन पर्वत की प्रतीकात्मक आकृति बनाकर, उसकी विधि-विधान से पूजा-अर्चना की गई। भक्तों ने गोवर्धन महाराज को छप्पन भोग (56 प्रकार के व्यंजन) अर्पित किए, जिसे अन्नकूट कहा जाता है। इस दिन गौ-माता की पूजा का भी विशेष महत्व होता है। गोवर्धन पूजा के शुभ मुहूर्त सुबह 6:26 बजे से 8:42 बजे तक और सायाह्न काल में दोपहर 3:29 बजे से शाम 5:44 बजे तक रहे, जिसमें श्रद्धालुओं ने श्रद्धापूर्वक पूजन किया। भक्तों का मानना है कि इस पूजा से घर में सुख-समृद्धि और आरोग्य आता है।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here