लोक टुडे न्युज़ नेटवर्क
भरतपुर l
कृषि महाविद्यालय भुसावर के डीन डॉ. उदय भान सिंह ने खेतों में जल भराव की समस्या जानने के लिए गांव जघीना, जिरौली, बराखुर, मडरपुर, नगला लोधा, पीरनगर व नगला केवल का दौरा किया। डॉ. उदय भान सिंह ने बताया कि इन गॉवों की करीव छः हजार बीघा जमीन जल मग्न है, जिसमें पिछले 3 साल से खरीब व रबी फसलों की बुवाई नही हो पा रही है, जिससे प्रतिवर्ष कुल 18 करोड रूपये से अधिक आर्थिक नुकसान होता है।
डॉ. उदय भान सिंह ने कहा कि इस समस्या का मूल कारण जल निकास वाले नालों की जगह पक्की सडक बनाना है, सडकें खेतों की जमीन से 2 से 3 फीट ऊँची हैं, अतः वर्षा के अतिरिक्त जल का निकास नही हो पाता है । जघीना से जिरौली, नगला केवल, पीरनगर होते हुए बछामदी नहर तक तथा भरतपुर रीको से हथैनी तक जल निकास के नाले थे, अब सब नालों पर सड़कें हैं।
डॉ. उदय भान सिंह ने बताया कि प्रभावित किसानों की मांग है कि सभी सड़कों के नीचे जल निकास की जगहों पर पाइप डाले जावे तथा उस पानी को मुख्य बड़ी पाइप लाइन से जोडकर या तो गोवर्धन कैनाल से घना को पानी सप्लाई वाली पाइप लाइन से जोडा जावे अथवा बछामदी कैनाल मे डाला जावे। यहां के किसान छोटी जोत वाले व गरीब हैं तथा उनकी खेती बर्बाद होने से रोजी रोटी का संकट पैदा हो रहा है।
यहां जल भराव किसानों की आमदनी घटने के साथ देश की खाद्य सुरक्षा के लिए भी खतरा है। इस अवसर पर रिन्कू सिंह, भरतसिंह, उप सरपंच भीकचन्द, मनोज सहित बडी संख्या में किसान उपस्थित थे।
वाइट डाॅ. उदय भान सिंह डीन कृषि कॉलेज भुसावर











































