श्रीगंगानगर, 15 अक्टूबर 2025 | ब्यूरो चीफ: मनजीत सिंह — साइबर अपराध के खिलाफ राजस्थान पुलिस ने अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई करते हुए करोड़ों रुपये की संपत्ति को फ्रीज कर दिया है। अदालत के आदेश पर श्रीगंगानगर पुलिस अधीक्षक अमृता दुहन के नेतृत्व में यह कार्रवाई “ऑपरेशन फ्रीज” के तहत की गई।
करोड़ों की संपत्ति पर लगा ताला
इस कार्रवाई में जयपुर और श्रीगंगानगर में साइबर ठगी से जुड़े आरोपियों के नाम पर दर्ज कुल 4 प्लॉट (2 जयपुर, 2 श्रीगंगानगर) फ्रीज किए गए हैं, जिनकी अनुमानित कीमत करोड़ों रुपये बताई जा रही है। इसके अलावा लाखों रुपये की एक लग्जरी कार भी जब्त की गई है। कार्रवाई अदालत के आदेश और नए कानून धारा 107 Bharatiya Nagarik Suraksha Sanhita (BNSS) के तहत की गई।
सख्त एक्शन में पुलिस की विशेष टीम
कार्रवाई राजस्थान पुलिस के सदर थाना एसएचओ सुभाष ढिल्ल की अगुवाई में की गई। टीम ने जयपुर और श्रीगंगानगर में एक साथ दबिश दी और संपत्तियों को फ्रीज करने के लिए कानूनी प्रक्रिया पूरी की।
साइबर ठगी का बड़ा नेटवर्क
पुलिस सूत्रों के अनुसार, जिन आरोपियों की संपत्ति फ्रीज की गई है, वे बड़े पैमाने पर ऑनलाइन धोखाधड़ी में शामिल थे। इनके खिलाफ पहले से ही कई केस दर्ज हैं। ठगों ने फर्जी निवेश, ऑनलाइन स्कीम और बैंकिंग धोखाधड़ी के जरिए आम लोगों से करोड़ों रुपये ऐंठे थे।
ऑपरेशन फ्रीज के मायने
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फ्रीज की गई संपत्ति: जयपुर में 2 प्लॉट, श्रीगंगानगर में 2 प्लॉट
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जब्त वाहन: लाखों रुपये की लग्जरी कार
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कार्रवाई का आधार: अदालत का आदेश और BNSS की धारा 107
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टीम: सदर थाना श्रीगंगानगर
सरकार और पुलिस की सख्त नीति
इस कार्रवाई को साइबर अपराध के खिलाफ सरकार और पुलिस की सख्त नीति का हिस्सा माना जा रहा है। हाल ही में “ऑपरेशन साइबर शील्ड” के तहत भी राज्य भर में बड़ी कार्रवाई की गई थी, जिसमें दर्जनों ठग गिरफ्तार हुए और करोड़ों रुपये होल्ड कराए गए थे।
पुलिस का बयान
एसपी अमृता दुहन ने कहा — “साइबर अपराधियों पर अब केवल गिरफ्तारी ही नहीं, उनकी संपत्ति पर भी कार्रवाई की जा रही है। जो भी लोग इस तरह के अपराध में शामिल हैं, उन्हें अब कोई सुरक्षित ठिकाना नहीं मिलेगा।”


















































