राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह पर मीडिया कार्यशाला आयोजित 

0
43
- Advertisement -

लोक टुडे न्यूज नेटवर्क

 प्रभावशाली रिपोर्टिंग के लिए संतुलित दृष्टिकोण जरूरी : आइएफएस सुले

“मानव और वन्यजीव दोनों के दृष्टिकोण का समावेशन आवश्यक” — उप वन संरक्षक कस्तूरी प्रशांत सुले

राजसमंद। (गौतम शर्मा)
राष्ट्रीय वन्यजीव सप्ताह (2 से 8 अक्टूबर) के तहत सोमवार को राजसमंद कलेक्ट्रेट स्थित डीओआईटी वीसी कक्ष में मीडिया कार्यशाला का आयोजन किया गया। कार्यशाला का नेतृत्व उप वन संरक्षक (डीएफओ) कस्तूरी प्रशांत सुले ने किया, जबकि सहायक वन संरक्षक (एसीएफ) श्रीकिशन चौधरी ने मीडिया रिपोर्टिंग के विभिन्न तकनीकी और सामाजिक पहलुओं पर प्रस्तुति दी।

कार्यशाला में “सनसनी से समाधान तक : मानव–वन्यजीव सह-अस्तित्व में मीडिया की भूमिका” विषय पर विस्तृत चर्चा हुई। इस दौरान मीडिया की भूमिका को जनधारणा, नीति निर्माण और संरक्षण कार्यों से जोड़ने पर विशेष जोर दिया गया।

उप वन संरक्षक सुले ने कहा कि —

“वन्यजीव संरक्षण की दिशा में उत्तरदायी और प्रभावशाली रिपोर्टिंग के लिए संतुलित दृष्टिकोण अत्यंत आवश्यक है। मीडिया को केवल संघर्ष नहीं, बल्कि समाधान भी दिखाना चाहिए। रिपोर्टिंग में मानव और वन्यजीव दोनों के दृष्टिकोण का समावेशन आवश्यक है।”

सुले ने यह भी कहा कि जिम्मेदार रिपोर्टिंग से जन-जागरूकता को संरक्षण में बदला जा सकता है, जबकि सनसनीखेज प्रस्तुतिकरण नुकसान पहुंचा सकता है

कार्यशाला के दौरान वन विभाग की ओर से वन्यजीव रेस्क्यू उपकरणों — जैसे ट्रैंक्विलाइज़र गन, पिंजरे, स्नेक-कैचिंग स्टिक और ट्रैंक्विलाइज़ेशन में उपयोगी दवाओं आदि का डेमो और तकनीकी प्रेजेंटेशन प्रस्तुत किया गया।

एसीएफ चौधरी ने कहा कि भारत विश्व के 17 मेगाडाइवर्स देशों में शामिल है, जहां विश्व की लगभग 8% जैव विविधता पाई जाती है। राजस्थान के प्रमुख संरक्षित क्षेत्र — रणथंभौर, सरिस्का, डेजर्ट नेशनल पार्क, केवलादेव, कुंभलगढ़ और टोडगढ़–रावली अभयारण्य — राज्य की समृद्ध पारिस्थितिक विविधता और सफल संरक्षण प्रयासों के प्रतीक हैं।

कार्यशाला में मीडिया की सकारात्मक भूमिका पर भी बल दिया गया — जैसे जनसहभागिता बढ़ाना, वैज्ञानिक अनुसंधान को उजागर करना, सहानुभूति को प्रोत्साहित करना और बचाव व पुनर्वास प्रयासों का समन्वय करना।

इस अवसर पर जिला प्रशासन, वन विभाग के अधिकारी तथा मीडिया प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित रहे।

- Advertisement -

LEAVE A REPLY

Please enter your comment!
Please enter your name here