लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
सिरोही/पिण्डवाड़ा। पिण्डवाड़ा तहसील की चार ग्राम पंचायतों में प्रस्तावित खनन परियोजना का विरोध एक बार फिर तेज हो गया है। रविवार को शिवसेना जिला प्रमुख रमेश रावल और आबू रोड शहर प्रमुख लालाराम खारवाल ने रोहिड़ा, वाटेरा, भीमाना और स्वरूपगंज ग्राम पंचायत का दौरा कर किसानों और ग्रामीणों से मुलाकात की।
नेताओं ने ग्रामीणों की समस्याएं सुनीं और आरोप लगाया कि खनन माफिया पूंजीपतियों के साथ मिलकर गरीब, मजदूर और किसानों की जमीनें हड़पने की साजिश रच रहे हैं। उन्होंने कहा कि खेतों, जंगलों और पहाड़ियों पर संकट मंडरा रहा है, जिससे हजारों लोगों के जीवन-यापन पर खतरा उत्पन्न हो सकता है।
घर-घर संपर्क अभियान
रावल और खारवाल ने कार्यकर्ताओं के साथ मिलकर ग्रामीणों के घर-घर संपर्क अभियान की शुरुआत की। उन्होंने आमजन से कहा कि खनन परियोजना के दुष्प्रभावों के प्रति सभी नागरिकों को जागरूक होना चाहिए। कार्यकर्ताओं को निर्देश दिए गए कि ग्रामीणों को हर स्तर पर सहयोग दें और विरोध की आवाज को बुलंद करें।
आंदोलन की चेतावनी
शिवसेना नेताओं ने चेतावनी दी कि यदि राज्य और केंद्र सरकार खनन स्वीकृति देने की कोशिश करती है तो वे ग्रामीणों के साथ मिलकर व्यापक आंदोलन छेड़ेंगे। उन्होंने कहा कि इसका खामियाजा भाजपा और स्थानीय जनप्रतिनिधियों को आगामी चुनावों में भुगतना पड़ेगा।
ग्रामीणों में आक्रोश
क्षेत्र के ग्रामीणों ने कहा कि खनन परियोजना शुरू होने पर उन्हें न केवल जमीन से बेघर होना पड़ेगा, बल्कि पशुओं के चरागाह, प्राकृतिक जलस्रोत और पर्यावरणीय संतुलन भी नष्ट हो जाएगा। उन्होंने ऐलान किया कि वे किसी भी कीमत पर अपने गांव और जमीन बचाने के लिए पीछे नहीं हटेंगे।
पहले भी उठा था विवाद
कुछ दिनों पहले पिण्डवाड़ा क्षेत्र की चार ग्राम पंचायतों में करीब 800 हेक्टेयर भूमि पर प्रस्तावित चूना पत्थर खनन परियोजना को लेकर बड़ा विवाद खड़ा हुआ था। उस समय सिरोही-जालौर सांसद लुंबाराम चौधरी ने किसानों के पक्ष में बयान दिया था। स्थानीय स्तर पर कई बार विरोध प्रदर्शन हो चुके हैं, लेकिन अब शिवसेना के सक्रिय होने से आंदोलन और व्यापक होने की संभावना जताई जा रही है।













































