भरतपुर: जिंदा महिला को जन आधार कार्ड में मृत दिखाकर हटाया नाम
लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
राजेंद्र शर्मा जती की रिपोर्ट
भरतपुर। जिले के उच्चैन क्षेत्र से हैरान करने वाला मामला सामने आया है, जहाँ एक महिला को जन आधार कार्ड में मृत दिखाकर उसका नाम हटा दिया गया। पीड़िता दुर्गेश कुमारी का कहना है कि उसे तीन माह पहले पता चला जब वह सरकारी योजनाओं का लाभ लेने गई। आवेदन के दौरान उसे बताया गया कि वह “मर चुकी है” और उसका नाम जन आधार से हटा दिया गया है।
दुर्गेश कुमारी की शादी 2020 में संदीप शर्मा (निवासी हाड़ौली गांव) से हुई थी। शादी के बाद से ही पति और ससुरालजन उस पर दहेज का दबाव बनाने लगे। इस पर उसने 1 अप्रैल 2024 को उच्चैन थाने में दहेज उत्पीड़न का मामला दर्ज कराया, जो फिलहाल कोर्ट में विचाराधीन है। आरोप है कि इसी रंजिश में पति और ससुराल वालों ने उसे मृत बताकर उसका नाम जन आधार कार्ड से हटवा दिया।
नगर पालिका उच्चैन के रिकॉर्ड के अनुसार, 31 दिसंबर 2023 को ई-मित्र से आवेदन कर मृत होने का कारण अंकित कर नाम हटाने की प्रक्रिया शुरू की गई। आश्चर्य की बात यह है कि बिना मृत्यु प्रमाण पत्र के ही नाम हटाने की कार्यवाही कर दी गई।
महिला का कहना है कि अब वह दर-दर भटक रही है, लेकिन न तो पुलिस और न ही प्रशासन उसकी सुनवाई कर रहा है। उसे बार- बार खुद के जिंदा होने के सबूत देने पड़ रहे हैं । लेकिन सरकारी बाबूओं -अफसरों को कैसे समझाएं की वो जिंदा है क्योंकि बाबू तो सुसरालियों की शिकायत पर मृत मानकर उनका नाम हटा चुका है।
























































