लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
भरतपुर में मंथन सभा से हुआ जनजागरण का शुभारंभ,
भरतपुर।
दिव्य प्रेम सेवा मिशन द्वारा छत्रपति शिवाजी महाराज के जीवन पर आधारित महा-नाट्य “जाणता राजा” आगामी 4 से 9 अक्टूबर 2025 तक उत्तर प्रदेश के आगरा नगर में भव्य स्तर पर आयोजित किया जाएगा। इस महा-नाट्य के व्यापक जनजागरण और सामाजिक संदेश को लेकर 8 सितम्बर सोमवार को भरतपुर स्थित शहनाई मैरिज होम, रंजीत नगर में एक “मंथन सभा” का आयोजन किया गया।
इस सभा के मुख्य वक्ता दिव्य प्रेम सेवा मिशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष गौतम’ भैया जी’ रहे, जिन्होंने छत्रपति शिवाजी महाराज के आदर्शों, उनके जीवन मूल्यों और राष्ट्रनिष्ठा को वर्तमान समाज विशेषकर युवा पीढ़ी के लिए प्रासंगिक बताते हुए विस्तृत उद्बोधन दिया।
संयोजक डॉ. आलोक शर्मा ने जानकारी दी कि यह ऐतिहासिक महा-नाट्य केवल रंगमंचीय प्रस्तुति भर नहीं होगा, बल्कि समाज में नैतिकता, साहस, कर्तव्यनिष्ठा और राष्ट्रप्रेम की अलख जगाने का एक सशक्त माध्यम बनेगा। सुनील प्रधान सह संयोजक ने कहा कि शिवाजी महाराज का जीवन प्रत्येक भारतीय के लिए प्रेरणा है और यह आयोजन समाज में नई चेतना का संचार करेगा।
सहसंयोजकगण शिव लहरी शर्मा, डॉ. वीरेन्द्र अग्रवाल, डॉ. प्रेमसिंह कुन्तल, देवेंद्र चामड़ एवं लोकेश सिंघल ने संयुक्त रूप से बताया कि इस मंथन सभा के माध्यम से लोगों को आगरा में होने वाले “जाणता राजा” महा-नाट्य से जोड़ा जाएगा। इसका उद्देश्य है कि समाज का प्रत्येक वर्ग इस ऐतिहासिक आयोजन में भागीदारी सुनिश्चित करे।
अंतरराष्ट्रीय कथा वाचक देवी माहेश्वरी ने अपने प्रेरक उद्गारों में कहा कि छत्रपति शिवाजी महाराज का जीवन केवल इतिहास नहीं है, बल्कि यह धर्म, साहस और राष्ट्रप्रेम का जीवंत पाठ है। जब समाज उनके आदर्शों से जुड़ता है तो उसमें नैतिक बल, चरित्र बल और सामूहिक चेतना का संचार होता है। ‘जाणता राजा’ महा-नाट्य के माध्यम से यह संदेश देश-दुनिया तक पहुँचेगा और निश्चित रूप से आने वाली पीढ़ियों के लिए यह आयोजन एक नई दिशा दिखाएगा।”
महा-नाट्य की विशेषताएँ –
यह विश्व का सबसे बड़ा ऐतिहासिक नाट्य होगा, जिसमें सैकड़ों कलाकारों की सहभागिता रहेगी।
आधुनिक तकनीक, भव्य मंच सज्जा और ध्वनि-प्रकाश संयोजन से दर्शक शिवाजी महाराज के गौरवशाली इतिहास से आत्मसात हो सकेंगे।
यह महा-नाट्य केवल इतिहास का पुनरावलोकन नहीं, बल्कि वर्तमान और आने वाली पीढ़ियों में राष्ट्रप्रेम व चरित्रबल जगाने का एक सशक्त अभियान है।
आयोजन में दैनिक 20,000 से अधिक दर्शकों के जुटने की संभावना है, जिससे यह आयोजन सामाजिक समरसता और राष्ट्रीय एकता का संदेश भी देगा।
पृष्ठभूमि –
दिव्य प्रेम सेवा मिशन ने विगत 29 वर्षों में 28 से अधिक सेवा प्रकल्पों के माध्यम से समाज के 2 लाख से अधिक लोगों के जीवन को स्पर्श किया है। कुष्ठ रोगियों की सेवा से प्रारंभ हुआ यह मिशन आज शिक्षा, स्वास्थ्य, संस्कार और राष्ट्रजागरण तक का विराट स्वरूप ले चुका है। “जाणता राजा” महा-नाट्य इसी सेवा यात्रा का एक हिस्सा है, जो शिवाजी महाराज के जीवन मूल्यों के माध्यम से समाज को नई दिशा देने का प्रयास है।
कार्यक्रम में बड़ी संख्या में समाजसेवी, शिक्षाविद, युवा और विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी सम्मिलित होकर इस ऐतिहासिक महा-नाट्य को सफल बनाने का संकल्प लिया।









































