लोक टुडे न्यूज नेटवर्क
जयपुर। राजस्थान में सरकारी सहायता से संचालित विश्वविद्यालयों की लगातार बिगड़ती वित्तीय स्थिति और सेवानिवृत्त शिक्षकों व कर्मचारियों की पेंशन व्यवस्था को लेकर गहराते संकट के बीच, अब विश्वविद्यालयों से जुड़े शिक्षक और कर्मचारी राज्य सरकार के खिलाफ सड़क पर उतरने जा रहे हैं।
9 सितंबर, सोमवार को सुबह 11 बजे से दोपहर 2 बजे तक जयपुर के एम.आई. रोड स्थित शहीद स्मारक पर प्रदेशभर के विश्वविद्यालयों के शिक्षक एवं कर्मचारी संगठनों से जुड़े सदस्य विशाल धरना देंगे।
पेंशन व्यवस्था को लेकर चिंता
राजस्थान विश्वविद्यालय पेंशनर्स एसोसिएशन एवं फेडरेशन के अध्यक्ष प्रो. एच.एस. शर्मा तथा महासचिव प्रो. एन.के. लोहिया ने बताया कि राज्य सहायता से चल रहे विश्वविद्यालयों की वित्तीय हालत लगातार नाजुक होती जा रही है। ऐसे में सेवानिवृत्त शिक्षकों और कर्मचारियों की पेंशन पर संकट गहराने का अंदेशा है।
उन्होंने मांग की कि विश्वविद्यालय कर्मियों की पेंशन का दायित्व राज्य सरकार को लेना चाहिए, ठीक उसी प्रकार जैसे अन्य राजकीय महाविद्यालयों के कर्मचारियों और अधिकारियों को पेंशन दी जा रही है। यदि ऐसा नहीं किया गया तो भविष्य में हजारों सेवानिवृत्त कर्मियों का जीवन कठिनाइयों से भर जाएगा।
राज्य सरकार का ध्यान आकर्षित करना उद्देश्य
धरने का मुख्य उद्देश्य राज्य सरकार का ध्यान इस गंभीर मुद्दे की ओर आकर्षित करना है। संगठनों का कहना है कि वर्षों से वित्तीय संकट से जूझ रहे विश्वविद्यालय अब अपने स्तर पर पेंशन का भार वहन करने में सक्षम नहीं हैं। ऐसे में सरकार को त्वरित हस्तक्षेप कर कर्मचारियों और शिक्षकों को राहत प्रदान करनी चाहिए।
सभी संगठनों की होगी भागीदारी
इस धरने में प्रदेश के सभी सरकारी सहायता प्राप्त विश्वविद्यालयों से जुड़े शिक्षक संगठनों, कर्मचारी संगठनों और पेंशनर्स संगठनों के पदाधिकारी और सदस्य भाग लेंगे। बड़ी संख्या में सेवानिवृत्त एवं कार्यरत शिक्षक-कर्मचारी जयपुर पहुंचेंगे और शहीद स्मारक पर एकजुट होकर अपनी आवाज बुलंद करेंगे।









































